2 अप्रैल से 21 दिन बंद रहेगा नर्मदा मुख्य नहर का जलप्रवाह, पेयजल और सिंचाई पर पड़ सकता है असर

अधिकारियों के अनुसार नहर में जमा सिल्ट की सफाई, नहर की दीवारों की मरम्मत तथा अन्य तकनीकी कार्य इस अवधि में किए जाएंगे. लंबे समय तक लगातार जल प्रवाह रहने से नहर में गाद जमा हो जाती है

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
प्रतीकात्मक फोटो

सांचौर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. पश्चिमी राजस्थान की जीवनरेखा मानी जाने वाली नर्मदा मुख्य नहर में 2 अप्रैल 2026 से 21 दिनों तक जल प्रवाह बंद रहेगा. नहर के गुजरात और राजस्थान हिस्सों में मरम्मत, रखरखाव और सिल्ट (गाद) सफाई के कार्यों के चलते यह निर्णय लिया गया है. इस दौरान सांचौर सहित आसपास के क्षेत्रों में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए विभागों ने अग्रिम तैयारियां शुरू कर दी हैं.

नर्मदा नहर परियोजना वृत्त-प्रथम, सांचौर के अधीक्षण अभियंता बाबूलाल गहलोत ने बताया कि यह निर्णय नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की उप-समिति द्वारा लिया गया है. सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड, गांधीनगर के साथ समन्वय के बाद 2 अप्रैल से 21 दिनों तक नर्मदा मुख्य नहर का जल प्रवाह बंद रखने का कार्यक्रम तय किया गया है.

Advertisement

नहर की सफाई और मरम्मत होंगे प्रमुख कार्य

अधिकारियों के अनुसार नहर में जमा सिल्ट की सफाई, नहर की दीवारों की मरम्मत तथा अन्य तकनीकी कार्य इस अवधि में किए जाएंगे. लंबे समय तक लगातार जल प्रवाह रहने से नहर में गाद जमा हो जाती है, जिससे पानी की गति और वहन क्षमता प्रभावित होती है. इसलिए समय-समय पर रखरखाव और सफाई आवश्यक होती है.

पेयजल व्यवस्था को लेकर विभाग अलर्ट

नहरबंदी को ध्यान में रखते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) को पहले ही सतर्क कर दिया गया है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नहर बंद होने से पहले सभी जलाशयों और स्टोरेज टैंकों को पूर्ण क्षमता तक भर लिया जाए, ताकि लगभग 20 दिनों तक क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो. नर्मदा परियोजना से जुड़े कई कस्बों और गांवों की पेयजल व्यवस्था इसी नहर पर निर्भर है. ऐसे में स्थानीय जल परियोजनाओं को पानी का संतुलित उपयोग सुनिश्चित करने और अनावश्यक बर्बादी रोकने के निर्देश दिए गए हैं.

क्यों जरूरी है नहरबंदी

अधिकारियों के अनुसार नहर का नियमित रखरखाव करने से उसकी जल वहन क्षमता बनी रहती है, रिसाव और टूट-फूट की संभावना कम होती है तथा भविष्य में निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित होती है. इसी कारण हर वर्ष कुछ समय के लिए नहर का जल प्रवाह बंद कर सफाई और मरम्मत का कार्य किया जाता है. इस दौरान जल विभाग ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि लोग पानी का सावधानीपूर्वक उपयोग करें, ताकि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो.