Rajasthan: पैंथर ने पत्रकार पर किया हमला, जबड़े में दबोचा पैर, 5 मिनट तक चला संघर्ष, और फिर...

करीब 5 मिनट तक पैंथर और मीडियाकर्मी के बीच संघर्ष चला, लेकिन मीडियाकर्मी ने हिम्मत नहीं हारी और पैंथर से लड़ता रहा. इसके बाद लोगों ने हिम्मत जुटाई और पैंथर को रस्सों से बांध दिया. कुछ देर में वहां वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई और पैंथर को रेस्क्यू किया. 

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Panther Attacked On Journalist: डूंगरपुर जिले के भादर वन क्षेत्र के गड़िया भादर मेतवाला गांव में एक पैंथर ने मीडियाकर्मी पर हमला कर दिया. पैंथर नील गाय का शिकार करने के बाद झाड़ियों में छुपा हुआ था, अचानक वहां कवरेज के लिए गए मीडियाकर्मी पर पैंथर ने अटैक कर दिया और उसके पैर को जबड़े में दबोच लिया.

करीब 5 मिनट तक पैंथर और मीडियाकर्मी के बीच संघर्ष चला, लेकिन मीडियाकर्मी ने हिम्मत नहीं हारी और पैंथर से लड़ता रहा. इसके बाद लोगों ने हिम्मत जुटाई और पैंथर को रस्सों से बांध दिया. कुछ देर में वहां वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई और पैंथर को रेस्क्यू किया. 

पैंथर ने नील गाय का किया था शिकार

रिपोर्ट के मुताबिक गड़िया भादर मेतवाला गांव में एक घर के पीछे की तरफ मेघ तालाब के पास पैंथर दिखाई दिया. पैंथर एक नील गाय का शिकार करने के बाद झाड़ियों के बीच शिकार को खा रहा था. इस दौरान वहां गांव के लोगों की भीड़ लग गई. इस बीच बांसिया निवासी मीडियाकर्मी गुणवंत कलाल भी कवरेज करने पहुंच गए. लोग झाड़ियों में छुपे पैंथर को जंगल की तरफ भगाने का प्रयास कर रहे थे. उसी समय पैंथर जंगल की तरफ भागने की बजाय लोगों की ओर आ गया.

Advertisement

Advertisement

5 मिनट तक चला संघर्ष

इसी आपाधापी में पैंथर ने मीडियाकर्मी गुणवंत कलाल पर अटैक कर दिया. पैंथर ने गुणवंत के एक पैर को जबड़े में दबोच लिया. पैंथर का हमला होते ही दूसरे लोग दूर भाग गए. उधर, गुणवंत खुद को बचाने के लिए दूसरे पैर से पैंथर के जबड़े पर मारकर अपना पैर छुड़ा लिया, लेकिन पैंथर ने फिर से अटैक करते हुए मीडियाकर्मी के हाथ को जबड़े में पकड़ लिया.

Advertisement
करीब 5 मिनट तक संघर्ष चलता रहा. दूर से बैठे देख रहे लोगों ने हिम्मत जुटाई और फिर पैंथर को भगाने का प्रयास करने लगे. लोग रस्से लेकर दौड पड़े. पैंथर पर रस्सियां डालकर उसे बांधने का प्रयास करने लगे.

लोगों ने रस्सियों से बांधा 

काफी मशक्कत के बाद पैंथर लोगों की पकड़ में आ सका. इसके बाद लोगों ने पैंथर को रस्सियों से बांध दिया. वहीं, पैंथर के हमले में गुणवंत कलाल के हाथ, पैर और शरीर पर कई जगह चोटें आई, जिससे खून बहने लगा. उसे गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे और इलाज करवाया. वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर पैंथर को रेस्क्यू किया. 

यह भी पढ़ें- 10 दिन तक चलेगा गगन शक्ति अभ्यास,15 वायुवीर और सैंकड़ों लड़ाकू विमान लेंगे हिस्सा