कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के जन्मदिन के मौके पर देशभर से कांग्रेस के दिग्गज नेता अलवर पहुंचे. इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रदेश सरकार पर हमला बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि सरकार के राज में किसान लाठी खा रहा है. किसान को खाद नहीं मिल रही है. पर्ची मुख्यमंत्री खुद कोई डिसीजन नहीं ले पाते हैं. बाबरी मस्जिद के विध्वंस के दिन को यह सरकार शौर्य दिवस के रूप में बच्चों को पढ़ना चाहती है. ऐसा करके यह लोग धार्मिक माहौल खराब करने का काम करेगी.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जिस दिन बाबरी मस्जिद का विध्वंस हुआ था. उस दिन को भाजपा बच्चों को शौर्य दिवस के रूप में पढ़ना चाहती है. उन्होंने कहा कि राजस्थान में हुई यूरिया व खाद पर छापेमारी के बाद केंद्र भी नाराज हो गया है. इसलिए प्रदेश को यूरिया की आपूर्ति की पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल पा रही है. सरकार की प्राथमिकता में किसान नहीं है.
डेढ़ साल में किसान पर लाठी बरसाई गईं
प्रदेश के मुख्यमंत्री कहते हैं कि मैंने डेढ़ साल में वो काम कर दिया. जो पहले 5 साल में नहीं हुआ. वो ठीक कहते हैं, डेढ़ साल में किसान पर लाठी बरसाई गई. युवाओं पर अन्य किए गए. शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बयान पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पहले दिन वो कहते हैं बच्चे सप्ताह में एक दिन अपनी पसंद के कपड़े पहन सकते हैं. उसके बाद जब वो निरीक्षण के लिए स्कूल में पहुंचे. तो वहां शिक्षकों से पूछते हैं कि कोई बच्ची बुर्का पहन कर तो नहीं आई.
नेशनल हेराल्ड केस कोई केस नहीं है
डोटासरा ने नेशनल हेराल्ड केस का जिक्र करते हुए कहा कि नेशनल हेराल्ड केस कोई केस नहीं है. यह केवल राजनीतिक फायदे के लिए सरकार ऐसे हथकंडे अपना रही है. उन्होंने कहा कि एसआईआर का केवल एक मतलब है कि कांग्रेस की आईडियोलॉजी के लोगों के वोट काटे जाएं. उन्होंने कहा कि सरकार चुनाव आयोग के साथ मिलकर वोट चोरी करने का काम कर रही है और वोट चोरी करके ही यह लोग सत्ता परिवर्तन करने का प्रयास करते हैं.
कांग्रेस आईडियोलॉजी के लोगों के वोट काटे जा रहे हैं
इसीलिए प्रदेश में निकाय चुनाव नहीं हो रहे हैं. क्योंकि कांग्रेस आईडियोलॉजी के लोगों के वोट काटे जा रहे हैं. भाजपा के मंत्री और नेता केवल भाषणों में किसान की आमदनी दोगुनी हो रही है. मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के समर्थन में बोलते हुए उन्होंने कहा कि वो खुद बोल रहे हैं कि किसान को नकली खाद और नकली बीज मिल रहा है.