JE भर्ती 2020 की रद्द परीक्षा का दोबारा हुआ पेपर भी था लीक, SOG ने रैंक 12 वाले AE को किया गिरफ्तार 

जांच में सबसे गंभीर तथ्य गणपतलाल विश्नोई की संलिप्तता का आया है. गणपतलाल ने अवैध तरीके से पेपर हासिल कर परीक्षा दी और मेरिट लिस्ट में 12वां स्थान प्राप्त किया. वर्तमान में आरोपी बाड़मेर के सार्वजनिक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के पद पर तैनात था और प्रमोशन भी पा चुका था.

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कनिष्ठ अभियंता संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 के प्रश्नपत्र लीक प्रकरण की जांच के दौरान राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है. कनिष्ठ अभियंता (JE) संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020, जिसे पेपर लीक के कारण रद्द किया गया था, उसके सितंबर 2021 में दोबारा आयोजन में भी पेपर लीक हुआ था. एसओजी ने इस मामले में जालौर के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए वर्तमान में पीडब्ल्यूडी में कार्यरत एक सहायक अभियंता गणपत लाल बिश्नोई पुत्र गोवर्धन राम (34) निवासी डेडवा सांचोर को गिरफ्तार किया है, जिसने पेपर लीक के दम पर मेरिट में 12वां स्थान हासिल किया था.

पूछताछ में खुला राज: रद्द परीक्षा के बाद भी नहीं रुका पेपर माफिया 

ADG विशाल बंसल के अनुसार दिसंबर 2020 में हुई JE भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले (सांगानेर थाना FIR 540/2020) की जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ. पुलिस ने जब आरोपियों से पूछा कि पहली परीक्षा रद्द होने के बाद वे दोबारा सफल कैसे हुए, तो उन्होंने कबूल किया कि 12 सितंबर 2021 को दोबारा आयोजित परीक्षा का पेपर भी परीक्षा से पूर्व ही आउट कर दिया गया था.  

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद एसओजी ने 19 जनवरी 2026 को एक नया मामला दर्ज किया है. जांच के केंद्र में कुख्यात पेपर माफिया जगदीश विश्नोई पुत्र हरिराम निवासी डांटा सांचौर है, से पूछताछ में सामने आया है कि जगदीश ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर परीक्षा से ठीक पहले अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र मुहैया कराए थे.

मेरिट होल्डर साहब पहुंचे सलाखों के पीछे 

जांच में सबसे गंभीर तथ्य गणपतलाल विश्नोई की संलिप्तता का आया है. गणपतलाल ने अवैध तरीके से पेपर हासिल कर परीक्षा दी और मेरिट लिस्ट में 12वां स्थान प्राप्त किया. वर्तमान में आरोपी बाड़मेर के सार्वजनिक निर्माण विभाग में सहायक अभियंता के पद पर तैनात था और प्रमोशन भी पा चुका था. एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और अब उसकी नियुक्ति और पदोन्नति को निरस्त कराने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

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SI भर्ती और JE भर्ती का कनेक्शन 

एसओजी की जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि यह वही संगठित गिरोह था जिसने 13 से 15 सितंबर 2021 के बीच हुई सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के पेपर भी लीक किए थे. यानी महज तीन दिनों के अंतराल में इस गिरोह ने दो बड़ी प्रदेश स्तरीय परीक्षाओं की शुचिता को पूरी तरह भंग कर दिया था. "एसओजी इस पूरे नेटवर्क की पहचान कर रही है. हमारा लक्ष्य न केवल अपराधियों को पकड़ना है, बल्कि अनुचित लाभ लेकर सिस्टम में घुसे ऐसे फर्जी अधिकारियों को बाहर निकालना भी है.