Rajasthan News: जोधपुर में विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने तीन विधायकों के स्टिंग ऑपरेशन के मामले पर बड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने साफ कहा कि पूरे प्रकरण की जांच सदाचार समिति कर रही है और सच सामने आने के बाद सख्त कार्रवाई होगी। जोगेश्वर गर्ग ने जोधपुर के सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए कहा कि जहां तक नैतिकता का सवाल है, उसमें सिर्फ विधायक और सांसद ही नहीं, बल्कि पूरे हर आम नागरिक से अपेक्षा की जाती है कि वह नैतिकता के अनुरूप व्यवहार करें और अनैतिक कार्य न करें.
गर्ग ने आगे कहा, ''विधायक भी इंसान है, देश के नागरिक हैं, विधायक हैं, जनप्रतिनिधि हैं. इसलिए उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है और उनसे उम्मीद की जाती है कि वह अप टू द मार्क चलें, कोई भी गलत कार्य न करें. फिर भी यदि कोई गलती कर देता है या लोभ-लालच में कोई कार्य करता है, तो उसके लिए नियमों में पर्याप्त प्रावधान प्राप्त हैं.''
''सदाचार कमेटी परीक्षण कर रही है''
''सदाचार कमेटी परीक्षण कर रही है, तीनों मामलों की जांच कर रही है और गुण-दोष के आधार पर निर्णय करेगी. यह भी निर्भर करता है कि शिकायत में कितनी सत्यता है. भारत आदिवासी पार्टी का जो मेंबर है, वह रंगे हाथों पकड़ा गया. उसे कैसे भी मिला है, वह मुद्दा बिल्कुल अलग हो गया.''
जोगेश्वर गर्ग
उन्होंने आगे कहा, ''सदाचार कमेटी का यह अधिकार है कि वह जांच करे और जांच के आधार पर विधानसभा अध्यक्ष को अनुशंसा करे या न करे. इन तीन मामलों में भी जैसे ही हमें पता चला, तो तुरंत मैंने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा और मेरे पत्र को स्वीकार करते हुए सदाचार कमेटी को मामला भेज दिया गया.''
क्या है पूरा मामला ?
यह पूरा मामला एक प्रमुख अखबार के स्टिंग ऑपरेशन से सामने आया. गुप्त कैमरे से रिकॉर्डिंग में विधायक निधि के खर्च में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार दिखा. इसमें खींवसर से बीजेपी विधायक रेवंतराम डांगा हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत शामिल हैं.
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