हिस्ट्रीशीटर कमल मीणा सिरसी पर फ़ायरिंग के तीन दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ, मुख्य आरोपी राहुल मीणा फरार

कमल मीणा सिरसी खुद बिंदायका थाने का हिस्ट्रीशीटर रह चुका है. हालांकि फिलहाल उसके कई मुकदमे हट चुके हैं, लेकिन उसके खिलाफ फायरिंग, लूट और आर्म्स एक्ट समेत आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज रहे हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
कमल मीणा सिरसी खुद बिंदायका थाने का हिस्ट्रीशीटर रह चुका है.

Jaipur News: जयपुर के बिंदायका थाना क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर कमल सिरसी पर हुई फायरिंग की घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं. इस मामले में मुख्य आरोपी राहुल मीणा, आसीम और गज्जू सहित कई अन्य आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं. पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है, लेकिन अब तक कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है.

बताया जा रहा है कि शनिवार को हाथोज फाटक के पास कमल सिरसी अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी से मंदिर जाने के लिए निकला था. इसी दौरान लग्जरी गाड़ियों में सवार बदमाशों ने उसकी गाड़ी को घेर लिया और फायरिंग कर दी. बदमाश थार, स्विफ्ट और स्कॉर्पियो गाड़ियों में सवार होकर आए थे. फायरिंग के दौरान एक गोली फॉर्च्यूनर के बोनट से टकराकर फ्रंट शीशे में जा लगी. इसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए.

Advertisement

पीड़ित कमल मीणा सिरसी ने इस मामले में बिंदायका थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है. उसने पुलिस को बताया कि राहुल मीणा और उसके साथियों ने उस पर जानलेवा हमला किया. पुलिस के अनुसार इस पूरी घटना के पीछे यूथ कांग्रेस चुनाव को लेकर चली आ रही रंजिश को मुख्य कारण माना जा रहा है. कमल मीणा के करीबी दोस्त भी चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि राहुल मीणा भी चुनावी मैदान में है.

फुटेज में एक युवक फायरिंग करता हुआ दिखाई दे रहा है

जांच के दौरान पुलिस को दो अलग-अलग सीसीटीवी फुटेज मिले हैं. एक फुटेज में एक युवक फायरिंग करता हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरे फुटेज में कमल की फॉर्च्यूनर एक युवक पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश करती नजर आ रही है. फुटेज के आधार पर पुलिस का कहना है कि घटना में दोनों पक्षों की भूमिका सामने आ रही है. नाकाबंदी के दौरान ब्रह्मपुरी इलाके में पुलिस ने एक स्कॉर्पियो गाड़ी पकड़ी थी, जिसमें सवार अनिल और अविनाश को डिटेन किया गया. जांच में यह भी सामने आया है कि कमल सिरसी जिस फॉर्च्यूनर गाड़ी में घूमता है वह बुलेटप्रूफ है. इस मामले को लेकर अब परिवहन विभाग भी जांच में जुट गया है कि गाड़ी को किस तरह से बुलेटप्रूफ कराया गया और इसके लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं.

कौन है कमल मीणा ?

कमल मीणा सिरसी खुद बिंदायका थाने का हिस्ट्रीशीटर रह चुका है. हालांकि फिलहाल उसके कई मुकदमे हट चुके हैं, लेकिन उसके खिलाफ फायरिंग, लूट और आर्म्स एक्ट समेत आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज रहे हैं. उसका नाम ओमी मीणा हत्याकांड में भी सामने आया था और वह पहले आनंदपाल गैंग से भी जुड़ा रहा है. फिलहाल कमल प्रॉपर्टी का कारोबार कर रहा है और राजनीति में सक्रिय बताया जा रहा है. वहीं पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा.