Tonk Jail Video: सलाखों के पीछे रची गई थी बड़ी साजिश, मास्टरमाइंड गिरफ्तार; अब रिमांड में उगलेगा ब्लैकमेलिंग के काले राज!

टोंक पुलिस ने जेल के भीतर अवैध हथियार के साथ रील बनाने वाले दो शातिर अपराधियों टोंक निवासी शादाब देशवाली और दीपक मेनारिया और उन्हें बाहर से रसद सप्लाई करने वाले उनके अन्य साथी  फैजल को गिरफ्तार कर लिया है.

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Tonk Central Jail Video Case
NDTV

Tonk News: टोंक जिला की सेंट्रल जेल में पिछले साल हथियारों और प्रतिबंधित सामग्री के साथ एक वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. टोंक पुलिस ने जेल के भीतर अवैध हथियार के साथ रील बनाने वाले दो शातिर अपराधियों टोंक निवासी शादाब देशवाली और दीपक मेनारिया और उन्हें बाहर से रसद सप्लाई करने वाले उनके अन्य साथी  फैजल को गिरफ्तार कर लिया है.  इन सबके साथ पुलिस पूरे नेटवर्क और हथियार की खरीद-फरोख्त को लेकर गहन पूछताछ कर रही है.

बैन चीज़ों के साथ बनाते थे वीडियो

टोंक सदर थाना अधिकारी जयमल सिंह ने बताया कि हथियार, मोबाइल फोन, सिगरेट, गुटखा वगैरह के साथ वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. उन्हें आज यानी बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया है. इनमें से अपराधी शादाब देशवाली, दीपक मेनारिया जेल के अंदर एंटरटेनमेंट हॉल में अवैध हथियारों और मोबाइल फोन, गुटखा, सिगरेट वगैरह बैन चीज़ों के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते थे.

फैजल बाहर से अंदर फेंकता बैन चीजें

सदर थाना प्रभारी जयमल ने आगे बताया कि मामला पुलिस के संज्ञान में आने के बाद पिछले साल आरोपियों के खिलाफ थाना कोटवाली में केस दर्ज किया गया था. इसकी जांच सदर थाना इंचार्ज को सौंपी गई थी. जांच में पता चला कि फैजल खान जेल के अंदर यह गैर-कानूनी सामान बाहर से कुख्यात अपराधी शादाब देशवाली और दीपक मेनारिया को फेंकता था. इसके बाद दोनों जेल के अंदर हथियार वगैरह जैसे गैर-कानूनी सामान के साथ वीडियो बनाकर वायरल करते थे.

 ब्लैकमेलिंग के लिए रची गई थी साजिश

पुलिस जांच में सामने आया है कि जेल में बंद अपराधी शादाब और दीपक ने जेल प्रशासन को डराने और ब्लैकमेल करने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची थी. उन्होंने अपने साथी फैसल के जरिए जेल की दीवार के ऊपर से अवैध पिस्टल, मोबाइल और नशीला सामान अंदर मंगवाया.इसके बाद जेल की मनोरंजन शाला में हथियार के साथ वीडियो बनाकर उसे बाहर भेजा गया. सबूत मिटाने के लिए बदमाशों ने मोबाइल तोड़कर सीवरेज में बहा दिया और पिस्टल को मिट्टी में गाड़ दिया था.

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