Rajasthan: टोंक में पथराव के बाद तनावपूर्ण शांति, 4 दिन में दूसरी बार भिड़े दो समुदाय; आरोपी पक्ष के मोहल्ले में नहीं होगी सफाई

4 दिन के भीतर पथराव की यह दूसरी घटना है, जिससे नाराज वाल्मीकि समाज ने अब आरोपी पक्ष के मोहल्ले में सफाई कार्य का बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है. जानिए, क्या है मौके पर पुलिस के इंतजाम और बीजेपी नेताओं ने क्या की मांग.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
टोंक शहर के पुरानी टोंक थाना क्षेत्र में तनाव का माहौल है.
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान के टोंक जिला मुख्यालय पर सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं. शुक्रवार की रात पुरानी टोंक थाना क्षेत्र के देशवाली मोहल्ले में दो अलग-अलग समुदायों के बीच हुई कहासुनी के बाद वाल्मीकि बस्ती पर जमकर पथराव किया गया. क्षेत्र की सड़कों और घरों में बिखरी ईंटें बीती रात के मंजर की गवाही दे रही हैं. गौरतलब है कि पिछले 4 दिनों के भीतर इसी थाना क्षेत्र में पथराव की यह दूसरी बड़ी घटना है, जिससे स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों में भारी रोष व्याप्त है.

वाल्मीकि समाज ने लिया कड़ा फैसला

घटना के विरोध में वाल्मीकि समाज ने शनिवार को पंचायत बुलाई. समाज ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि अब कोई भी वाल्मीकि समाज का व्यक्ति (निजी या सरकारी) उस मोहल्ले में सफाई कार्य नहीं करेगा जहां से पथराव किया गया. समाज ने चेतावनी दी है कि यदि कोई इस आदेश का उल्लंघन करता है तो उसे दंडित किया जाएगा. समाज की मांग है कि पुलिस दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करे.

बीजेपी जिलाध्यक्ष ने लिया जायजा

शनिवार दोपहर बीजेपी जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान और पूर्व विधायक ने घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और पुलिस प्रशासन से असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्रवाई की मांग की. स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने देशवाली मोहल्ले और आसपास के इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला.

आधा दर्जन से ज्यादा हिरासत में

टोंक एडिशनल एसपी रतन लाल भार्गव ने बताया कि शुक्रवार रात शहर कोतवाली, पुरानी टोंक और सदर थाने सहित आरएसी (RAC) का जाब्ता तैनात कर दिया गया था. पुलिस ने अब तक आधा दर्जन से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है. एएसपी ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और न ही उन्हें फैलाएं. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति वर्तमान में नियंत्रण में है.

Advertisement

पुरानी टोंक क्षेत्र बना 'हॉटस्पॉट'

बता दें कि इससे पहले मंगलवार को भी संघपुरा क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते दो समुदायों में पथराव हुआ था. महज 4 दिन के अंतराल में एक ही थाना क्षेत्र में हुई दूसरी घटना ने पुलिस की गश्त और इंटेलिजेंस पर भी सवाल खड़े किए हैं. फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर मुख्य दंगाइयों की पहचान करने में जुटी है.

ये भी पढ़ें:- 150 साल बाद बाहर निकाली दादा गुरुदेव महाराज की पवित्र चादर, देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु बने साक्षी

Advertisement