जयपुर एयरपोर्ट पर AI तकनीक से ट्रैफिक मैनेजमेंट, रियल टाइम गाड़ियों की मॉनिटरिंग

AI-आधारित सिस्टम वीडियो एनालिटिक्स का इस्तेमाल करके एयरपोर्ट के अलग-अलग लैंडसाइड और पार्किंग एरिया में गाड़ियों की आवाजाही के बारे में रियल-टाइम जानकारी इकट्ठा करता है. यह AI टेक्नोलॉजी एयरपोर्ट के लैंडसाइड पर गाड़ियों की संख्या का आकलन भी करती है.

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जयपुर एयरपोर्ट

Jaipur Airport: जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एडवांस्ड AI टेक्नोलॉजी से ट्रैफिक की मॉनिटरिंग की जा रही है. इस एआई तकनीक में गाड़ियों के ट्रैफिक की रियल-टाइम मॉनिटरिंग होती है. यह गाड़ियों की डेंसिटी यानी एक जगह पर कितनी गाड़ियां है. इसका आंकलन कर ट्रैफिक का सुचारु प्रबंधन करता है. यह सिस्टम पीक आवर्स के दौरान ट्रैफिक के बहाव को सुचारु बनाने और ट्रैफिक जाम को कम करने में अहम भूमिका निभाता है. यह लैंडसाइड और पार्किंग एरिया में गाड़ियों की आवाजाही को ज़्यादा आसान बनाता है, जिससे एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर यात्रियों के इंतज़ार का समय कम हो जाता है.

यात्रियों की सुविधा और ऑपरेशनल  दक्षता को बेहतर बनाने के लगातार प्रयासों के तहत, जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (JIAL) ने टर्मिनल 2 के लैंडसाइड और कार पार्किंग एरिया में वाहनों की आवाजाही को प्रभावी ढंग से मैनेज करने के लिए एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रैफिक कंजेस्शन अलर्ट सिस्टम लागू किया है. यह सिस्टम पीक आवर्स के दौरान ट्रैफिक के बहाव को सुचारु बनाने और ट्रैफिक जाम को कम करने में अहम भूमिका निभा रहा है. यह सिस्टम एक एडवांस्ड AI टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करता है, जिससे वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो पाती है.

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यह सिस्टम कैसे कार्य करता है?

यह AI-आधारित सिस्टम वीडियो एनालिटिक्स का इस्तेमाल करके एयरपोर्ट के अलग-अलग लैंडसाइड और पार्किंग एरिया में गाड़ियों की आवाजाही के बारे में रियल-टाइम जानकारी इकट्ठा करता है. यह AI टेक्नोलॉजी एयरपोर्ट के लैंडसाइड पर गाड़ियों की संख्या का आकलन भी करती है.

अगर गाड़ियों की संख्या एक तय सीमा में  ज़्यादा हो जाती है, तो यह सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी करता है, जिससे पता चलता है कि गाड़ियों की आवाजाही अधिक  है. ये अलर्टस तुरंत एयरपोर्ट टीम तक पहुँचाए जाते हैं, जो फौरन भीड़ वाली जगहों पर यातायात और प्रभावी ढंग  से नियंत्रित करते हैं . अगर ट्रैफिक बहुत ज़्यादा होता है, तो अतिरिक्त कर्मचारियों को पहले से ही तैयार रखा जाता है और ट्रैफिक को बिना किसी रुकावट के निकालने के लिए उन्हें खास जगहों पर तैनात किया जाता है. हर कार्रवाई एक व्यवस्थित और समय-सीमा के अंदर की जाती है, ताकि भीड़ की पहचान करके, उसकी जानकारी आगे पहुँचाकर और उसे कम से कम समय में सुलझाकर, एयरपोर्ट पर आने वाले सभी यात्रियों और विज़िटर्स को एक सहज यात्री अनुभव दिया जा सके.

इससे क्या फ़ायदा होता है?

यह रियल-टाइम रिपोर्टिंग पीक आवर्स के दौरान बहुत ज़रूरी हो जाती है, जब यात्रियों की भीड़ ज़्यादा होती है. यह एयरपोर्ट के अंदर और पार्किंग एरिया में गाड़ियों की आवाजाही को आसान बनाती है, जिससे यात्रियों का एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर इंतज़ार का समय कम हो जाता है. बेहतर ट्रैफिक फ्लो से समय की अनिश्चितता कम होती है और आवाजाही भी  बेहतर होती है, जिससे यात्रियों के लिए एयरपोर्ट अनुभव और भी आसान और बिना किसी रुकावट के हो जाता है.

इस सिस्टम को लागू करके, जयपुर एयरपोर्ट ने ट्रैफिक जाम को कम करने की इस अग्रिम पहल से एयरपोर्ट पर ऑपरेशन क्षमता को मज़बूत करता है, ताकि वाहनों का आवागमन और भी सहजता से हो सके. यह ग्राउंड  स्टाफ और अन्य टीमों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद करता है, जिससे वाहनों की आवाजाही समय पर और तेज़ी से हो पाती है.

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“जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर, हम लगातार एडवांस्ड टेक्नोलॉजी जनित नवाचारों के ज़रिए यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं. हमारा ध्येय यात्रियों के लिए एयरपोर्ट का अनुभव और भी ज़्यादा आसान बनाना है. AI-इनेबल्ड ट्रैफिक कंजेशन अलर्ट सिस्टम ट्रैफिक के आवागमन को सहज करने और यात्रियों के वेटिंग पीरियड को कम करने में अहम भूमिका निभाता है. रियल-टाइम जानकारी और स्मार्ट मॉनिटरिंग का इस्तेमाल करके, हम एक और भी  स्मार्ट और बेहतर एयरपोर्ट इकोसिस्टम बनाते हैं,” जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एक प्रवक्ता ने कहा.

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IATA: JAI, ICAO: VIJP)

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पैसेंजर ट्रैफिक के मामले में राजस्थान का सबसे बिज़ी एयरपोर्ट होने का गौरव रखता है, जिसने FY2024-25 में 6 मिलियन से ज़्यादा पैसेंजर को मैनेज किया और हर दिन लगभग 120 एयर ट्रैफिक मूवमेंट को संभाला. जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का 776 एकड़ में विस्तार है.

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'डिजिटल-फर्स्ट' अप्रोच के साथ, यह एयरपोर्ट हर पैसेंजर को अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑपरेशनल एक्सीलेंस के ज़रिए शानदार अनुभव देता है. जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट से ज़ीरो वेस्ट टू लैंडफिल का अवॉर्ड मिला है. एयरपोर्ट को मई 2025 में एयरपोर्ट काउंसिल इंटरनेशनल द्वारा ACI लेवल 3 मान्यता भी मिली है.

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