udaipur News: राजस्थान के उदयपुर स्थित रवींद्र नाथ टैगोर (RNT) मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के डॉक्टरों ने चिकित्सा जगत में एक मिसाल कायम की है. भीलवाड़ा के एक 32 वर्षीय युवक के सीने और फेफड़ों को चीरते हुए आर-पार हुए 9 इंच लंबे लोहे के पाइप को जटिल सर्जरी के जरिए सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है. युवक अब पूरी तरह खतरे से बाहर है.
ट्रक के अचानक ब्रेक और खिसकता काल
यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना 24 अप्रैल की है. भीलवाड़ा निवासी युवक अपनी बाइक से जा रहा था, तभी उसके आगे चल रहे एक ट्रक ने अचानक ब्रेक मार दिए. ट्रक में लदे लोहे के पाइप पीछे की ओर खिसक आए और एक पाइप युवक के सीने में जा घुसा. स्थिति इतनी भयावह थी कि मौके पर ही कटर मशीन से पाइप को काटकर युवक को अलग करना पड़ा.
फेफड़े को चीरकर गर्दन तक पहुंचा था पाइप
मरीज को बेहद गंभीर स्थिति (शॉक) में उदयपुर लाया गया। रेडियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. कुशल गहलोत ने जब सीटी स्कैन किया, तो रिपोर्ट देखकर डॉक्टर भी दंग रह गए. 4 सेमी मोटा लोहे का पाइप पसलियों को तोड़ते हुए फेफड़े को चीरकर गर्दन तक जा पहुंचा था. इससे शरीर की महत्वपूर्ण रक्त वाहिकाएं (सबक्लेवियन धमनी और शिरा) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिससे फेफड़ों में आंतरिक रक्तस्राव हो रहा था.
जटिल सर्जरी और डॉक्टरों की जीत
कार्डियोथोरेसिक सर्जन डॉ. विनय नैथानी के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने बिना समय गंवाए ऑपरेशन शुरू किया. पाइप 'एल' आकार में फंसा था, जिसे निकालना जानलेवा हो सकता था. डॉक्टरों ने बेहद सावधानी से पाइप निकाला, क्षतिग्रस्त नसों की मरम्मत की, फेफड़ों का उपचार किया और टूटी हुई पसलियों को फिर से जोड़ा.
अब तेजी से स्वस्थ हो रहा है मरीज
आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. राहुल जैन ने बताया कि ऐसी 'इम्पेलमेंट इंजरी' (आर-पार चोट) के मामलों में बचने की संभावना बहुत कम होती है. लेकिन डॉक्टरों के त्वरित निर्णय और टीमवर्क ने चमत्कार कर दिया. मरीज अब सामान्य भोजन ले रहा है और उसकी स्थिति स्थिर बनी हुई है.
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