उदयपुर: मेवाड़ राजपरिवार संपत्ति विवाद में पद्मजा कुमारी को बड़ा झटका, हाईकोर्ट से मांग खारिज

पद्मजा कुमारी ने वसीयत की वैधता पर सवाल उठाते हुए अलग याचिका दायर की थी. उन्होंने दावा किया कि पिता की कोई वसीयत नहीं है और संपत्ति में उनका भी बराबर हक है. लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने आज सुनवाई के दौरान पद्मजा की इस मांग को खारिज कर दिया.

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हाईकोर्ट के फैसले पर लक्ष्यराज मेवाड़ बोले- सत्यमेव जयते

Rajasthan News: उदयपुर के पूर्व मेवाड़ राजपरिवार की संपत्ति विवाद में लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की बहन पद्मजा कुमारी को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने पद्मजा कुमारी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने दिवंगत पिता अरविंद सिंह मेवाड़ की संपत्ति पर प्रशासन पत्र जारी करने की मांग की थी. पद्मजा का मुख्य दावा था कि उनके पिता की मृत्यु बिना किसी वसीयत के हुई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वसीयतनामे से जुड़ा मामला पहले से लंबित है, इसलिए उनकी मांग पर अभी विचार नहीं किया जा सकता.

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अरविंद मेवाड़ की मौत के बाद उठा विवाद

अरविंद सिंह मेवाड़ का निधन 16 मार्च 2025 को उदयपुर में हुआ था. उनकी मृत्यु के बाद परिवार में संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद शुरू हो गया. विवाद मुख्य रूप से सिटी पैलेस, एचआरएच होटल्स ग्रुप और अन्य मूल्यवान संपत्तियों के उत्तराधिकार को लेकर है. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ परिवार के उत्तराधिकारी और एचआरएच ग्रुप ऑफ होटल्स के मालिक हैं.

पद्मजा कुमारी ने वसीयत की वैधता पर सवाल उठाते हुए अलग याचिका दायर की थी. उन्होंने दावा किया कि पिता की कोई वसीयत नहीं है और संपत्ति में उनका भी बराबर हक है. लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने आज सुनवाई के दौरान पद्मजा की इस मांग को खारिज कर दिया. कोर्ट ने कहा कि वसीयत से संबंधित मामला पहले से लंबित है, इसलिए प्रशासन पत्र पर अभी कोई फैसला नहीं हो सकता.

लक्ष्यराज मेवाड़ बोले- सत्यमेव जयते

दावा खारिज होने के बाद डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने भगवान जगदीश के सपरिवार दर्शन किए. उन्होंने न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए कहा, “सत्य मेव जयते. मैं भगवान और अपनी लीगल टीम का आभार व्यक्त करता हूं.” हाईकोर्ट के फैसले के बाद लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के समर्थकों ने उदयपुर में जमकर आतिशबाजी की.

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