पिछोला झील में अंधेरा होने के बाद भी चल रही थीं नावें, निगम आयुक्त ने मौके पर पहुंचकर की बड़ी कार्रवाई

नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना जब अचानक औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) पर निकले, तो वहां नियमों की भारी अनदेखी पाई गई.

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पिछोला झील में नियमों की धज्जियां उड़ाना पड़ा भारी: नगर निगम ने सीज कीं 5 नावें
NDTV Reporter

Rajasthan News: झीलों की नगरी उदयपुर में पर्यटकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों पर नगर निगम ने कड़ा एक्शन लिया है. विश्व प्रसिद्ध पिछोला झील में सूर्यास्त के बाद भी अवैध रूप से नावों का संचालन करने पर निगम आयुक्त ने 5 नावों को सीज कर दिया है.

क्यों हुई यह सख्त कार्रवाई?

नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना जब अचानक औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) पर निकले, तो वहां नियमों की भारी अनदेखी पाई गई. सूर्यास्त के बाद नाव चलाना वर्जित है, फिर भी पर्यटकों को अंधेरे में झील की सैर कराई जा रही थी. पकड़ी गई नावों में न तो पर्याप्त लाइफ जैकेट थे और न ही प्राथमिक उपचार (First Aid) की कोई व्यवस्था. ठेकेदार फर्म को सख्त निर्देश थे कि वे सुरक्षा मानकों का पालन करें, लेकिन मौके पर स्थिति इसके उलट मिली.

निगम आयुक्त ने क्या कहा?

नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना ने कहा, 'पर्यटकों और स्थानीय निवासियों का मनोरंजन सुरक्षित होना चाहिए. अंधेरे में नावों का संचालन एक गंभीर अपराध है. नियमों का उल्लंघन करने वाली एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.'

पर्यटकों की सुरक्षा सबसे ऊपर

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि झील में नाव संचालन के लिए कार्य आदेश जारी करने से पहले ही सख्त शर्तें तय की जाती हैं. सुरक्षा उपकरणों की कमी और तय समय के बाद नाव चलाना यात्रियों की जान को खतरे में डालने जैसा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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