Rajasthan: साइबर ठगी का नया जाल, बुजुर्ग को 17 घंटे तक वीडियो कॉल पर बनाया बंधक, CBI बन ऐंठें 33.60 लाख

Rajasthan News: उदयपुर में डिजिटल अरेस्ट का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां ठगों ने एक बुजुर्ग को 17 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर उसे लाखों की ठगी की.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
प्रतीकात्मक तस्वीर

Digital Arrest in Udiapur: राजस्थान की झीलों की नगरी उदयपुर में डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां साइबर ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर 61 साल के एक बुजुर्ग को झांसे में लिया और उनसे 33 लाख 60 हजार रुपये ठग लिए. ठगों ने बुजुर्ग को लगातार 17 घंटे तक वीडियो कॉल पर रखकर, न केवल धमकाया बल्कि फर्जी कोर्ट रूम तक तैयार करवा दिया था.

 मनी लॉन्ड्रिंग केस में जुड़े होनी की दी थी जानकारी

मामले की शुरुआत 12 नवंबर को हुई, जब 61 साल के बुजुर्ग के नंबर पर 'ट्राई अथॉरिटी, नई दिल्ली' के नाम से एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था. जिसे उठाने पर ठगों ने उन्हें बताया कि उनके आधार कार्ड से एक सिम इश्यू हुई है, जिसका उपयोग 24 परिवारों के जरिए 2 करोड़ रुपये के 40 अवैध ट्रांजेक्शन करने और नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में करने की जानकारी दी. ठगों ने बुजुर्ग को इस गंभीर मामले में आरोपी बताया और कुछ फर्जी दस्तावेज भी भेजे, जिसमें उनका नाम दर्ज था.

Advertisement

फर्जी कोर्ट रूम बनाकर डराया

इसके बाद पहला वीडियो कॉल सीबीआई ऑफिसर के नाम से आया. उसने परिवादी के मोबाइल के व्हाट्सएप को छोड़कर सभी ऐप्स डिलीट करवा दिए. इसके बाद उन्होंने कहा कि उसे कोर्ट में पेश होना होगा. यह सब देखकर वह डर गया. इतना ही नहीं, उन्होंने उसे किसी और को बताने पर गिरफ्तार करने की धमकी भी दी.

17 घंटे तक बनाया डिजिटल अरेस्ट

ठगों ने डर का माहौल बनाने के लिए वीडियो कॉल पर ही एक फर्जी कोर्ट रूम तैयार करवाया. स्क्रीन पर एक व्यक्ति जज बनकर बैठा था और बुजुर्ग की पैरवी के लिए एक फर्जी वकील भी मौजूद था. इस दौरान, बुजुर्ग को  17 घंटे लगातार सजा और गिरफ्तारी की धमकी दी गई और इसी डर का फायदा उठाकर उनसे 33 लाख 60 हजार रुपये ठग लिए गए.

दोस्त की मदद से एडीजे के पास पहुंचा बुजुर्ग

जब ठगों ने उनसे 30 लाख रुपये और मांगे और पैसे न होने पर दोस्तों से उधार लेने या पोस्ट ऑफिस की एफडी तुड़वाने की बात कही, तो इसपर बुजुर्ग को शक हुआ. उन्होंने हिम्मत करके अपने जानकार को यह पूरा मामला बताया और फिर उदयपुर जिला कोर्ट स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव एडीजे कुलदीप शर्मा के पास पहुंचे. और वहां सारे मामले की जानकारी दी. 

एडीजे ने आई को कार्रवाई के लिए लिखा लेटर

जज कुलदीप शर्मा ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत आईजी को कार्रवाई के लिए लेटर लिखा. आईजी के आदेश पर, शहर के गोवर्धन विलास थाने में अज्ञात ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: Rajasthan: कोटपूतली की लाल गाजर का धमाल, मंडी में हर रोज1 करोड़ का कारोबार, जम्मू-कश्मीर से बंगाल तक है भारी डिमांड