Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर (Jaipur) में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदलने वाली है. सवाई मानसिंह अस्पताल (SMS Hospital) पर मरीजों के बढ़ते भारी दबाव को कम करने के लिए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) ने जिस रिम्स (RIMS) का सपना देखा था, अब वह हकीकत बनने की राह पर है. शुक्रवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आरयूएचएस (RUHS) अस्पताल का विस्तृत दौरा कर यह साफ कर दिया कि इस प्रोजेक्ट में अब कोई भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
एम्स की तर्ज पर मिशन मोड में काम
मुख्य सचिव का यह दौरा महज एक औपचारिक निरीक्षण नहीं था, बल्कि रिम्स को एम्स (AIIMS) जैसी विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का एक ब्लूप्रिंट था. उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि उपकरणों की खरीद से लेकर विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार तक, हर काम मिशन मोड में होना चाहिए. सीएस ने आदेश दिए कि रिम्स के लिए साप्ताहिक और मासिक लक्ष्य तय किए जाएं, ताकि बजट घोषणा के अनुरूप जल्द से जल्द जनता को इसका लाभ मिल सके.
डिजिटल होगा रिम्स, खत्म होगी लंबी कतारें
दौरे के दौरान एक खास बात निकलकर आई कि रिम्स को पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली पर विकसित किया जाएगा. मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सिस्टम ऐसा हो जिससे मरीजों को पंजीकरण और इलाज के लिए भटकना न पड़े. उन्होंने एम्स और मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों के साथ तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की और रिम्स के नियमों को जल्द अधिसूचित करने के निर्देश दिए.
मरीजों के बीच पहुंचे सीएस, जाना जमीनी सच
बैठक से पहले मुख्य सचिव ने खुद ओपीडी, आईपीडी और आईसीयू का चक्कर लगाया. उन्होंने वहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद कर फीडबैक लिया. अस्पताल प्रशासन ने बताया कि हालिया सुधारों के बाद मरीजों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है. अब सरकार का अगला कदम आरयूएचएस को एक ऐसे शोध और चिकित्सा केंद्र के रूप में स्थापित करना है, जो पूरे उत्तर भारत के लिए नजीर बने.
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