जालोर में झाब पंचायत समिति हटाने के विरोध में ग्रामीणों का आक्रोश, आंदोलन 28वें दिन भी जारी

ग्रामीणों का कहना है कि झाब पंचायत समिति वर्षों से अस्तित्व में है और क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक सुविधाएं यहीं से मिलती रही हैं. समिति को हटाकर भादरूणा पंचायत समिति बनाए जाने से दूर-दराज के गांवों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा.

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Jalore News: जालोर के झाब पंचायत समिति को हटाकर उसके स्थान पर भादरूणा पंचायत समिति बनाए जाने के निर्णय के विरोध में ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. मंगलवार को यह आंदोलन 28वें दिन में प्रवेश कर गया. इतने लंबे समय बाद भी कोई ठोस समाधान नहीं निकलने से ग्रामीणों में भारी रोष देखा गया.

आक्रोशित ग्रामीणों ने सांचौर विधायक जीवाराम चौधरी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो वे मंगलवार को हजारों वाहनों के साथ जालोर जिला मुख्यालय का घेराव करेंगे.

मांग नहीं मानी तो आमरण अनशन की चेतावनी

आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि सरकार यदि जल्द निर्णय वापस नहीं लेती है तो वे आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे. उन्होंने प्रशासन पर जनभावनाओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया.

ग्रामीणों का कहना

ग्रामीणों का कहना है कि झाब पंचायत समिति वर्षों से अस्तित्व में है और क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक सुविधाएं यहीं से मिलती रही हैं. समिति को हटाकर भादरूणा पंचायत समिति बनाए जाने से दूर-दराज के गांवों के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि यह फैसला बिना जनसुनवाई और बिना स्थानीय सहमति के लिया गया है, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा.

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प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

ग्रामीणों ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि वे इस फैसले पर पुनर्विचार करें और झाब पंचायत समिति को यथावत बनाए रखें. ग्रामीणों का कहना है कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा.

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