जोधपुर के विनायक अस्पताल पर बड़ा खुलासा, सरकारी स्कीम से जुड़ने के लिए 2 लाख रुपये दिए घूस

आरोपी राहुल ने कई निजी अस्पतालों से सीजीएचएस में सूचीबद्ध करने के लिए पैसा लिया. इसमें एक अस्पताल जोधपुर का विनायक भी है, जहां से उसे दो लाख रुपए नकद मिले. 

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जोधपुर के विनायक अस्पताल ने CGHS कर्मचारी को दिए घूस

Rajasthan News: सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम के जयपुर स्थित ऑफिस के निलंबित कर्मी के खिलाफ सीबीआई एफआईआर में जोधपुर के दो अस्पतालों का नाम भी शामिल है. जयपुर सीजीएचएस के अपर निदेशक ने रिपोर्ट में बताया कि जोधपुर के विनायक अस्पताल ने राहुल शर्मा को सीजीएचएस जयपुर में सूचीबद्ध होने के लिए 2 लाख रुपये नकद दिए थे. वहीं, मरीजों की शिकायतों पर सीजीएचएस पैनल से बाहर किए गए मेडिपल्स अस्पताल को इस कर्मचारी ने विभाग के खिलाफ केस करने के लिए उकसाया था. 

जयपुर ऑफिस में तैनात था राहुल शर्मा

दरअसल, सीजीएचएस की ओर से दर्ज करवाए गए मुकदमें में मुख्य आरोपी कर्मचारी राहुल शर्मा है. वह सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम के जयपुर ऑफिस में एलडीसी के पद पर तैनात था. अपर निदेशक मीता भसीन ने 23 अगस्त को भेजी शिकायत में बताया कि कि आरोपी कर्मी 2022 से सीजीएचएस से अनुबंधित होने वाले निजी अस्पतालों का काम देख रहा था. जानकारी के मुताबिक, आरोपी राहुल ने कई निजी अस्पतालों से सीजीएचएस में सूचीबद्ध करने के लिए पैसा लिया. इसमें एक अस्पताल जोधपुर का विनायक भी है, जहां से उसे दो लाख रुपए नकद मिले. 

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मेडिपल्स अस्पताल को केस करने को उकसाया

इसी तरह मरीजों को केशलैस उपचार देने में कोताही बरतने पर जोधपुर के मेडिपल्स अस्पताल को पैनल से हटा दिया गया था. आरोपी राहुल शर्मा ने इस मामले में इस अस्पताल की मदद करते हुए उसे प्रेरित किया कि वह विभाग के खिलाफ कोर्ट में केस करे. विनायक अस्पताल के डॉ. प्रदीप शर्मा का कहना है कि कुछ समय पहले जयपुर में सीजीएचएस की ओर से मीटिंग बुलाई गई थी, जिसमें उनके यहां से मैनेजर गया था.

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आरोपी राहुल शर्मा के बारे में सवाल करने पर अस्पताल ने कहा कि कर्मी से कभी ऐसा कोई व्यवहार नहीं हुआ है और न ही अनुबंध के लिए पैसे दिए गए. वहीं, मेडिपल्स अस्पताल के मयंक सिंघवी का कहना है कि आरोपी कार्मिक से उनका कोई व्यवहार नहीं है और न वे उसे प्रत्यक्ष रूप से जानते हैं. इस रिपोर्ट में उनके अस्पताल को लेकर यदि कुछ लिखा गया है तो वह सरासर गलत है.

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