अजमेर दरगाह का दीवान होता है सरकारी नौकर, मिलती है 1.5 करोड़ की सैलरी- असदुद्दीन ओवैसी

वक्फ संशोधन विधेयक पर अजमेर दरगाह के दीवान के बेटे सैयद नसरुद्दीन चिश्ती के बयान पर असदुद्दीन ओवैसी ने उठाया सवाल और कसा तंज.

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Waqf Amendment Bill: केंद्र सरकार वक्फ संशोधन बिल लेकर आई है जिस पर संसद में काफी बहस हुई. वहीं वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ असदुद्दीन ओवैसी लगातार बयान दे रहे हैं. हालांकि कुछ मुसलमान इसके समर्थन में हैं. जिसमें अजमेर दरगाह के दीवान के उत्तराधिकारी सैयद नसरुद्दीन चिश्ती वक्फ संशोधन बिल के समर्थन में बयान दे रहे हैं. हाल ही में नसरुद्दीन चिश्ती ने पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा ईद पर की गई पहल का खूब प्रशंसा की थी. जिसके बाद अजमेर दरगाह के दीवान के बेटे नसरुद्दीन चिश्ती चर्चाओं में आ गए.

अब नसरुद्दीन चिश्ती वक्फ संशोधन बिला का खुलकर समर्थन कर रहे हैं. चिश्ती ने कहा है कि यह एक बहुत अच्छा विधेयक है. लोग इसका लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. लोगों को एक अच्छे विधेयक की उम्मीद है.

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अजमेर दरगाह के दीवान पर ओवैसी का वार

अजमेर दरगाह के दीवान और उनके बेटे सैयद नसरुद्दीन चिश्ती पर असदुद्दीन ओवैसी ने तंज कसा है. चिश्ती के वक्फ संशोधन बिल पर समर्थन को लेकर जब ओवैसी से सवाल किया गया तो, उन्होंने दीवान और उनके बेटे पर तंज कसते हुए कहा कि अजमेर दरगाह का दीवान ख्वाजा एक्ट के तहत वह सरकारी कर्मचारी है और वह सरकार का नौकर है. उसको हर साल एक हाईकोर्ट के जजमेंट के अनुसार एक साल में डेढ़ करोड़ (1.5 करोड़ रुपये) मिलते हैं. उस दीवान से पूछा जाने चाहिए कि उसने मुस्लिम महिलाओं के लिए, मुस्लिम बेवा महिलाओं के लिए, मुस्लिम यतीम बच्चों के लिए उन्होंने कौन सी मदद की.

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लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश होने पर चिश्ती का बयान

वक्फ संशोधन विधेयक 2024 बुधवार (2 अप्रैल) को लोकसभा में पेश हुआ. इससे ठीक पहले ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन और दरगाह दीवान के उत्तराधिकारी सैयद नसरुद्दीन चिश्ती का बयान सामने आया. चिश्ती ने कहना है कि लोग लंबे समय से इसका इंतजार कर रहे थे. लोगों को उम्मीद है कि एक अच्छा विधेयक आएगा. लोकतंत्र में विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन मुझे पता चला है कि विपक्ष की मुख्य आपत्तियों को सरकार ने स्वीकार कर लिया है. इसलिए यह एक बहुत अच्छा विधेयक होगा. अब वक्फ का पैसा आम और गरीब मुसलमानों तक पहुंचेगा. वहीं नसरुद्दीन ने यह भी कहा कि कई लोगों द्वारा यह भ्रांतियां फैलाई जा रही है कि इस बिल के पास होने के बाद मुस्लिम लोगों की दरगाह, कब्रिस्तान सहित कई संपत्तियां तबाह की जाएगी लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है.

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