Ashwani Bishnoi: पिता करते हैं मिल में मजदूरी, बेटी ने कुश्ती में नाम किया रोशन

राजस्‍थान के भीलवाड़ा की रहने वाली अश्‍वनी बिश्‍नोई कुश्ती में एक उभरता हुआ सितारा हैं. अश्वनी ने हाल ही में एशियाई चैंपियनशिप में 62 किलोग्राम वर्ग में टीम इंडिया के लिए गोल्ड मेडल जीता है.

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राजस्थान के भीलवाड़ा की रहने वाली अश्वनी बिश्नोई ने हाल ही में ओमान के जॉर्डन में हुई एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में भारत के लिए गोल्ड जीतने का कारनामा किया है.  अश्वनी बिश्नोई ने अंडर-15 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया है और वो ऐसा करने वाली राजस्थान की पहली अंतरराष्ट्रीय महिल पहलवान बनी हैं. अश्वनी बिश्नोई ने अंडर-15 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में 62 किलो भार वर्ग में किर्गिस्तान की ऐना असमावलोका पहलवान को हराकर गोल्ड अपने नाम किया था.  अश्वनी ने फाइनल में ऐना असमावलोका को 4-0 से हराकर मुकाबला अपने नाम किया था.

ऐसा रहा टूर्नामेंट में प्रदर्शन

अश्वनी ने 13 जुलाई से शुरू हुए टूर्नामेंट में फ्री स्टाइल में चीनी ताइपिए की ये चेन को 4-0 से हराया था. इसके बाद उन्होंने क्वार्टर फाइनल में किर्गिस्तान की ऐना असमावलोका को 8-0 और सेमीफाइनल में जापान की नातसुखी कुमाझावा को 4-0 के स्कोर से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी. अश्वनी ने गोल्ड जीतने के बाद अपनी इस जीत का श्रेय अपने पिता और अपने कोच को दिया.

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कुश्ती के लिए पिता को मनाया

एक बेवसाइट से बात करते हुए अश्वनी ने बताया था कि वो कुश्ती में आना चाहती थीं, लेकिन उनके पिता इसके लिए राजी नहीं थे. अश्वनी ने इसके बाद अपने पिता मुकेश बिश्नोई की जिद के सामने झुके. इसके बाद अश्वनी ने अखाड़े में अभ्यास करना शुरू किया. अश्वनी ने अपने भाई से प्रेरणा लेकर कुश्ती में आने का मन बनाया था. रिपोर्ट्स की मानें तो अश्वनी के पिता मजदूर हैं और एक मिल में काम करते हैं.

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अश्विनी के पिता मुकेश बिश्नोई ने बताया था कि उनके भतीजे को 2018 में कुश्ती में नेशनल लेवल पर गोल्ड मिला था, जिसके बाद अश्वनी ने कुश्ती लड़ने की इच्छा जताई थी. अश्वनी भीलवाड़ा में कृष्ण व्यायाम शाला में प्रशिक्षण ले रही है.

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