8 महीने तक क्रिकेट से दूर रहेंगे मो. शमी, सीरीज जीत के बाद बोले कप्तान, 'जिन लोगों को भूख है, उन्हीं को मौका देंगे'

कप्तान रोहित शर्मा ने यह स्पष्ट करते हुए कहा कि वो टीम में सिर्फ प्रतिभावान खिलाड़ी चाहते हैं. साथ ही, कहा, "जिन लोगों को भूख है हम उन्हीं लोगों को मौका देंगे. अगर भूख नहीं है तो उनको खिलाने का कोई मतलब नहीं है." रोहित का इशारा स्पष्ट था.

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ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य लाभ करते क्रिकेटर शमी

Cricketer Mohammad Shami: एंकल की चोट के चलते इंग्लैड टेस्ट सीरीज से बाहर चल रहे मो. शमी का ऑपरेशन सफल रहा है. सोशल मीडिया पर सफल ऑपरेशन की तस्वीर शेयर करते हुए शमी ने फैन्स से जल्द मैदान में वापसी का संकेत दिया है. शमी के इंग्लैंड के खिलाफ चल रही पांच मैचों की सीरीज में खेलने की संभावना थी, लेकिन एंकल ऑपरेशन के बाद हीलिंग के लिए समय लगने के चलते इंग्लैंड टेस्ट सीरीज में खेलना लगभग मुश्किल हो गया है.

तेज गेंदबाज एंकल ऑपरेशन के बाद आराम कर रहे हैं. माना जा रहा है कि शमी को ऑपरेशन से उबरने तक 8 महीने तक क्रिकेट से दूर रह सकते हैं. चोट के चलते शमी इंडियन प्रीमियर लीग के 17वें सीजन से  भी बाहर हो गए हैं. 

सोशल मीडिया अकाउंट पर एंकल के सफल ऑपरेशन के बाद तस्वीरों को शेयर करते हुए शमी ने लिखा, "अभी-अभी मेरी अकिलीज़ टेंडन की एड़ी का सफल ऑपरेशन हुआ है! ठीक होने में कुछ समय लगेगा, लेकिन मैं अपने पैरों पर वापस खड़ा होने के लिए उत्सुक हूं."

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गौरतलब है मोहम्मद शमी ने वनडे विश्व कप फाइनल में दर्द के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया था और 24 विकेट हासिल किए थे. उन्हें अभी अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था. माना जा रहा है कि तेज गेंदबाज की अक्टूबर नवंबर में बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली घरेलू टेस्ट श्रृंखला में भी वापसी नहीं कर पाएंगे. 

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उधर, रांची में खेले गए चौथे टेस्ट में जीत के हीरो रहे विकेटकीपर बल्लेबाज ध्रुव जुरेल के प्रदर्शन से कप्तान रोहित शर्मा काफी हैं और चौथे टेस्ट में जीत के साथ इंग्लैंड से सीरीज जीत का जश्न मनाते हुए उन्होंने टीम इंडिया के उभरते हुए खिलाड़ियों की शान जमकर कसीदे पढ़े.

कप्तान रोहित शर्मा ने यह स्पष्ट करते हुए कहा कि वो टीम में सिर्फ प्रतिभावान खिलाड़ी चाहते हैं. साथ ही, कहा, "जिन लोगों को भूख है हम उन्हीं लोगों को मौका देंगे. अगर भूख नहीं है तो उनको खिलाने का कोई मतलब नहीं है." रोहित का इशारा स्पष्ट था.

माना जा रहा है कि रोहित की यह प्रतिक्रिया भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के उस आदेश के ठीक बाद आई जिसमें ईशान किशन और श्रेयस अय्यर जैसे खिलाड़ियों को रणजी ट्रॉफी मुकाबलों में खेलने के लिए कहा गया था, लेकिन इन दोनों ने इसे नजरअंदाज कर दिया था.

भारतीय कप्तान ने कहा,"मैंने यहां टीम में कोई भी ऐसा खिलाड़ी नहीं देखा जो भूखा नहीं हो. सभी लड़के जो यहां हैं और जो नहीं हैं, वे सभी खेलना चाहते हैं. लेकिन टेस्ट क्रिकेट में आपको बहुत कम मौके मिलते हैं. अगर आप उनका फायदा नहीं उठाते तो वे चले जाते हैं."

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