Bharatpur News: आजादी के अठहत्तर साल बाद भी Crematorium को तरस रहा ये गांव | Rajasthan Top News

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  • प्रकाशित: जनवरी 12, 2026

Bharatpur News: भानव खंड के चहल गाँव में शमशान भूमि ना होने से ग्रामीण परेशान है । गाँव में किसी शख्स की मृत्यु होने पर परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए या तो अपने निजी खेतों का सहारा लेना पड़ता है या मजबूरी में शव का अंतिम संस्कार गंभीर नदी में करना पड़ता है । एक रिपोर्ट है वो आप देखिए । गाँव के अंदर शमशान घाट नहीं है । समस्या बहुत आती है । भरतपुर का एक छोटा सा गाँव चहल आजादी के अठहत्तर साल बाद भी यहाँ की मिट्टी में एक अधूरी पुकार गूंजती है । शमशान घाट की अनुपस्थिति ने इस गाँव की हर अंतिम यात्रा को सम्मान की जगह संघर्ष का सफर बना दिया है । परिजन शव को लेकर निकलते हैं लेकिन रास्ता नहीं है । खेती की मेड़ पर होकर शव यात्रा चलती है कभी पैर फिसलते हैं कभी लोग घायल हो जाते हैं हर कदम पर दर्द और विवशता का मंजर होता है । चेलगा में जब भी किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है या निधन हो जाता है जब उनके अंतिम संस्कार के लिए लोग अपनी अपनी जमीन में ले जाते हैं तो उनको काफी समस्या आती है । देखिए ऐसे ऐसे खेतों में रास्ते बने हुए हैं । #remationground #chahalvillage #rajasthan #latestnews

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