भांडा शाह (Bhanda Shah) के नाम से प्रसिद्ध भगवान सुमतिनाथ (Lord Sumatinath) का मंदिर बीकानेर (Bikaner) की स्थापना से पहले का है. सेठ लूणकरण जैन के पास एक बार एक जैन धर्म गुरु आये. उन्होंने लूणकरण की सेवा से प्रसन्न होकर उन्हें एक पारस पत्थर और एक गाय आशीर्वाद स्वरूप दी. इसके बाद वे तीर्थ यात्रा पर चले गए. जब वे वापस आये तो उन्होंने देखा कि जाते समय वे सेठ लूणकरण के पास एक कमरा देख कर गए थे और अब वहां महल बन गया है. तो उन्होंने उस पारस पत्थर को वापस मंगवाया. जब उसे इधर-उधर लगा कर देखा तो हर चीज़ सोने में बदल गई. ये देख उन्होंने पारस पत्थर वापस मांगा तो लूणकरण ने देने से इनकार कर दिया.