विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में व्यवस्था सुधार और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के निर्देश पर 'दरगाह ख्वाजा साहब अधिनियम 1955' के तहत पहली बार खादिमों के लिए लाइसेंस प्रक्रिया शुरू की गई थी। दरगाह कमेटी के मुताबिक, इस प्रक्रिया से न केवल खादिमों की पहचान सुनिश्चित होगी, बल्कि कोर्ट में जमा 'पीली पेटियों' के करोड़ों रुपयों के वितरण में भी सहायता मिलेगी।