जैसलमेर के तपते धोरों और कटीली झाड़ियों के बीच एक ऐसा शिकारी लौट आया है जिसे दुनिया लगभग विलुप्त मान चुकी थी। इसे स्थानीय भाषा में 'पड़ंग' और दुनिया 'कैराकल' (Caracal) के नाम से जानती है।