जालोर के एक साधारण किसान प्रेम प्रकाश राजपुरोहित ने यह साबित कर दिखाया है। 2013-14 में जब उनकी किनोवा (Quinoa) की फसल को किसी मंडी या व्यापारी ने नहीं खरीदा, तो उन्होंने पीछे हटने के बजाय खुद का बाजार बनाने की ठानी।