भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत ने संसद में आदिवासी समुदाय की व्यथा और उनके संघर्षों को लेकर सरकार पर तीखा प्रहार किया। राजकुमार रोत ने बेहद भावुक और कड़े शब्दों में कहा कि जंगलों में रहने वाले आदिवासियों को यह भी नहीं पता कि जंतर-मंतर कहाँ है, लेकिन वे अपनी जमीन और हक बचाने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।