राजस्थान के दौसा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ चर्चित 'प्रिंस उर्फ टिल्लू हत्याकांड' में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। 16 अगस्त 2020 को लापता हुए मासूम बच्चे के मामले में अब वैज्ञानिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। NHAI के निर्देश पर जयपुर से पहुंची GPR (Ground Penetrating Radar) टीम ने करीब 3 घंटे तक जमीन की स्कैनिंग की। यह अत्याधुनिक मशीन 6 मीटर की गहराई तक किसी भी वस्तु को डिटेक्ट कर सकती है। जांच के दौरान मशीन ने दो संदिग्ध जगहों को चिह्नित किया है