सियोल में कोरिया स्टोन एसोसिएशन से मिले प्रेम चंद बैरवा, राजस्थान में निवेश का दिया आमंत्रण

डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा ने कोरियन स्टोन एसोसिएशन के साथ बैठक में कहा कि 'आपणो अग्रणी राजस्थान' के विजन के अनुरूप हमारी सरकार निवेशकों के हितों की रक्षा और उनके व्यवसाय की निरंतर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

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Rajasthan News: राजस्थान के डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा (Dr. Prem Chand Bairwa) ने मंगलवार को दक्षिण कोरिया (South Korea) की राजधानी सियोल (Seoul) में कोरिया स्टोन एसोसिएशन (Korea Stone Association) के साथ एक बैठक को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने 'कोरिया स्टोन एसोसिएशन' को राजस्थान में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया. 

बैरवा ने राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, विविध प्राकृतिक संसाधनों और व्यापार के लिए अनुकूल नीतियों के बारे में बताया और राज्य के प्रसिद्ध पत्थर उद्योग की क्षमताओं और विकास की संभावनाओं पर प्रकाश डाला. साथ ही उन्हें राज्य की अत्याधुनिक अवसंरचना, कुशल श्रमशक्ति और सुगम व्यावसायिक वातावरण के बारे में विस्तार से अवगत कराया. डिप्टी सीएम ने कहा कि 'आपणो अग्रणी राजस्थान' के विजन के अनुरूप हमारी सरकार निवेशकों के हितों की रक्षा और उनके व्यवसाय की निरंतर प्रगति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ गए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा भी शामिल हैं. आज के कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें भी डिप्टी सीएम ने एक्स पर शेयर की है. इससे कुछ देर पहले सीएम भजनलाल शर्मा ने दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल प्रवास के द्वितीय दिवस पर सियोल टेक्निकल हाई स्कूल का दौरा किया और वहां की उत्कृष्ट शैक्षणिक व्यवस्था का अवलोकन किया. यह विद्यालय कौशल विकास पर विशेष रूप से केंद्रित है, जो आधुनिक शिक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण अंग है.

इस अवसर पर सीएम ने विद्यालय प्रबंधन एवं अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से आत्मीय भेंट की व सभी को "पधारो म्हारे देस" की मनोहारी भावना के साथ वीर भूमि राजस्थान पधारने हेतु सादर एवं सस्नेह आमंत्रित किया. साथ ही उपस्थित अधिकारियों से इस स्कूल मॉडल से प्रेरणा लेते हुए राजस्थान में भी इसी प्रकार की उन्नत शैक्षणिक संस्थाओं की स्थापना पर विचार-विमर्श किया.

सीएम ने कहा, 'राजस्थान के प्रत्येक विद्यार्थी के उज्ज्वल भविष्य हेतु हमारी सरकार भी शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण, नवाचारी, व्यावहारिक, रोजगारोन्मुखी, कौशल विकास-केंद्रित एवं समावेशी शिक्षा प्रदान करने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है. हमारी सरकार भी कौशल विकास को विशेष महत्व देते हुए, विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रही है, जिससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें और वे राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे सकें.

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