अलवर में प्रोबेशन, फिर यहीं SP - साइबर क्राइम के खिलाफ आनंद शर्मा की योजना कारगर

अलवर पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा का रुझान शुरू से ही भारतीय प्रशासनिक सेवा की ओर था. उनका बैकग्राउंड भी पुलिस विभाग से है.

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आनंद शर्मा ने पुलिस और आमजन के लिए काफी काम किए हैं.
अलवर:

अलवर पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा पुलिस अधीक्षक बनने के बाद पूरी सक्रियता से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं. साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए कई तरह के एक्सपेरिमेंट भी कर रहे हैं. यूपीएससी क्लियर करने के बाद अलवर में ही प्रोबेशन पीरियड शुरू किया और आज इसी जिले में पुलिस अधीक्षक पद पर तैनात हैं. 

आईपीएस आनंद शर्मा जयपुर के रहने वाले हैं, जिन्होंने माहेश्वरी पब्लिक स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की. उसके बाद वह राजस्थान यूनिवर्सिटी से स्नातक करने के बाद लॉ की डिग्री हासिल की. शर्मा का रुझान शुरू से ही भारतीय प्रशासनिक सेवा की ओर था. उनका बैकग्राउंड भी पुलिस विभाग से है. शर्मा की पत्‍नी डॉक्टर हैं. वहीं परिवार में एक 7 साल का बेटा और 3 साल की बेटी है. प्रोबेशन पीरियड में फर्स्ट पोस्टिंग इनकी अलवर रही और पुलिस अधीक्षक के रूप में पहली पोस्टिंग बांसवाड़ा में मिली. 

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आनंद शर्मा की जहां भी पोस्टिंग रही है, वहां उन्‍होंने उन्होंने पुलिस और आमजन के लिए काफी काम किए हैं. उन्‍होंने बाड़मेर में पुलिस अन्वेषण भवन बनवाया और पुलिस के लिए कई कल्‍याणकारी काम किए. साथ ही उनकी जहां भी पोस्टिंग रही, वहां उन्‍होंने पुलिस लाइन में स्टाफ के लिए आरो प्लांट लगाकर पानी उपलब्ध कराया. 

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शर्मा ने बताया कि छुट्टियां परिवार के साथ बिताना पसंद करते हैं. साथ ही उन्‍होंने कहा कि छुट्टियों में वह अगर कहीं जाते हैं तो परिवार के साथ ही जाते हैं. 

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ऑनलाइन ठगी के खिलाफ प्रभावी रही योजना 
राजस्थान में इन दिनों ऑनलाइन ठगी के काफी मामले सामने आ रहे हैं. आनंद शर्मा ने गंगानगर में पोस्टिंग के दौरान वर्ष 2021 में ऑनलाइन ठगी रोकने के लिए बैंकों से समन्वय स्थापित किया और उन्हें निर्देशित किया कि सूचना प्राप्त होते ही बैंक अकाउंट को फ्रीज और ठगी को रोका जाए. अलवर में भी आज वही पैटर्न अपनाया जा रहा है. अलवर में साइबर क्राइम रेस्पांस सेल का गठन किया गया है. इसके सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि अपराधों में कमी लाने का प्रयास रहेगा. 

करियर के दौरान यह रहा सबसे यादगार लम्‍हा 
अपने करियर के यादगार लम्‍हों को लेकर उन्‍होंने कहा कि उनके पिता अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर टोंक जिले में तैनात थे और वह बांसवाड़ा में पुलिस अधीक्षक थे. जब उनके रिटायरमेंट के मौके पर शामिल हुआ तो वह मेरे लिए कैरियर की सबसे अच्छी यादों में शामिल है. 

'वर्क कल्‍चर में आ रहा है बदलाव' 
साथ ही उन्‍होंने कहा कि वर्क कल्चर में लगातार बदलाव आ रहा है. ऑफिसर्स भी अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं और सिस्टम में जिस तरह पारदर्शिता आई है उससे पुलिस का काम काफी आसान हुआ है. साथ ही उन्होंने कहा कि सुधार लगातार चलते रहेंगे. 

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