राजस्थान के 16 राजकीय विधि कॉलेजों में नहीं शुरू हुई प्रवेश प्रक्रिया, निरीक्षण के बाद है BSI की परमिशन का इंतजार

काउन्सिल ऑफ़ इन्डिया द्वारा लॉ कॉलेजों को मान्यता दिए के लिए कई नियम बने हुए हैं. एडमिशन प्रोसेस शुरू करने के लिए हर साल बीसीआई की परमिशन लेना जरूरी होता है. पिछले साल भी इसी वजह से एलएलबी-प्रथम वर्ष में एडमिशन देरी से शुरू हुए थे.

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प्रतीकात्मक फोटो

Admission In Law College In Rajasthan: प्रदेश के 16 कॉलेजों में एडमिशन प्रोसेस शुरू होने का इन्तेज़ार हो रहा है. दरअसल इन कॉलेजों के बार काउन्सिल ऑफ इन्डिया द्वारा निरीक्षण किया गया था. लेकिन डेढ़ महीना गुज़र जाने के बाद भी बीकानेर के राजकीय विधि महाविद्यालय सहित प्रदेश के 16 कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के इन्तेज़ार में हैं. लॉ कॉलेजों में एडमिशन प्रोसेस बीसीआई की तरफ़ से अनुमति मिलने के बाद ही शुरू हो सकता है.

उधर महाराजा गंगासिंह यूनिवर्सिटी ने यूजी और पीजी फ़ाइनल के नतीजे भी पिछले महीने ही घोषित कर दिए हैं. ऐसे में बड़ी तादाद में स्टूडेन्ट्स गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में एलएलबी-फ़र्स्ट ईयर में एडमिशन लेना चाहते हैं. लेकिन उन्हें  इन्तेज़ार करना पड़ रहा है. वहीं डॉ. भीमराव अम्बेडकर यूनिवर्सिटी ने एलएलबी-फ़र्स्ट ईयर में एडमिशन के लिए आख़िरी तारीख़ 30 अगस्त निर्धारित कर दी है.

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हर साल बीसीआई की परमिशन लेना जरूरी

दरअसल बीसीआई यानी बार काउन्सिल ऑफ़ इन्डिया द्वारा लॉ कॉलेजों को मान्यता दिए के लिए कई नियम बने हुए हैं, जिनके तहत कॉलेज में प्रोफ़ेसर्स की संख्या और क्वालिफिकेशन, संसाधन, लाइब्रेरी और कई दूसरी बातों का भी ख़याल रखा जाता है. एडमिशन प्रोसेस शुरू करने के लिए हर साल बीसीआई की परमिशन लेना जरूरी होता है. पिछले साल भी इसी वजह से एलएलबी-प्रथम वर्ष में एडमिशन देरी से शुरू हुए थे. 

40 फ़ीसद अंकों वाले कैंडिडेट्स प्रवेश के पात्र माने जाएंगे

अगर बात करें बीकानेर के सरकारी लॉ कॉलेज की तो यहां एलएलबी-प्रथम वर्ष में 240 सीटें निर्धारित हैं. जिनमें से 192 सीटों पर यूजी और 48 सीटों पर पीजी के बेस पर एडमिशन होंगे. जनरल और ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में 45 फ़ीसद मार्क्स अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे. वहीं ओबीसी और एमबीसी में 42 प्रतिशत और एससी/एसटी वर्ग में 40 फ़ीसद अंकों वाले कैंडिडेट्स प्रवेश के पात्र माने जाएंगे. एडमिशन का आधार मेरिट होगा. 

वहीं महाराजा गंगासिंह यूनिवर्सिटी में लॉ डिपार्टमेन्ट के तहत चल रहे स्कूल ऑफ़ लॉ में पांच वर्षीय इन्टीग्रेटेड कोर्स बीए-एलएलबी के फ़र्स्ट सेमेस्टर सहित तीन वर्षीय एलएलबी-प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए सलेक्टेड स्टूडेन्ट्स की क्लासेज़ 16 अगस्त से शुरू भी हो जाएंगी. हालाँकि यहां भी ख़ाली सीटों के लिए आवेदन मांगे गए हैं. जिन कैंडिडेट्स का स्कूल ऑफ़ लॉ में एडमिशन नहीं हुआ है, उन्हें अब राजकीय विधि महाविद्यालय में प्रवेश की उम्मीद है.

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