अलवर : लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर रंगदारी मांगने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने दबोचा

पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रार्थी ओमप्रकाश रुद्राक्ष मार्बल व्यापारी की दुकान पर मैनेजर के तौर पर काम करता था. जिसने थाने पर आकर बताया कि उसके एक नम्बर से मैसेज आया. जिसमें तीस लाख रूपये की मांग की और नही देने पर मारने की धमकी दी गई.

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पुलिस की गिरफ्त में दोनों आरोपी

अलवर के एन ई बी थाना पुलिस ने कुख्यात अपराधी लॉरेंस विश्नोई के नाम से धमकी देने वाले दो आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इस मामले के दोनों आरोपियों को 72 घंटों के अंदर ही धर दबोचा. पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रार्थी ओमप्रकाश रुद्राक्ष मार्बल व्यापारी की दुकान पर मैनेजर के तौर पर काम करता था. जिसने थाने पर आकर बताया कि उसके एक नम्बर से मैसेज आया. जिसमें तीस लाख रूपये की मांग की और नहीं देने पर मारने की धमकी दी गई.

इसके बाद उनके नम्बर पर दुकान, मकान, हथियारों तथा गोलियों की फोटो भेजी. आरोपी स्वयं को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप का बता रहा था. इस मामले में शिकायत दर्ज कर अनुसंधान किया. साथ ही पुलिस ने साइबर टीम का सहयोग लिया और जिस नंबर से व्हाट्सएप आया था. उसकी कॉल डिटेल खंगाली गई. इसके बाद पुलिस टीम गठित की गई. जिस पर टीम द्वारा फिरोती मांगने वाले शख्स की तलाश की और ईटावा उत्तर प्रदेश से दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया.

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पुलिस ने बताया कि अभियुक्त रवि उर्फ नैना महावर प्रार्थी ओमप्रकाश की दुकान पर करीब 6 महीने पहले नौकरी करता था. चोरी का आरोप लगा अभियुक्त रवि महावर को नौकरी से निकाल दिया. इसके बाद रवि उससे रंजिश रखने लगा. इस बात को लेकर रंजिश के चलते षडयंत्र कर अभियुक्त मनोज ईटावा यूपी के साथ मिलकर परिवादी को फोन कर लॉरेंस ग्रुप का सदस्य बताकर धमकी दी गई. रवि ने नौकरी के दौरान ही इसके घर की फोटो वगैरा अपने मोबाइल में ले ली थी.

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