Pictures: मरुधरा में हुई झमाझम बारिश के बीच आसमान में कुछ ऐसे दिखे नजारें, देखें तस्वीरें
राजस्थान के जैसलमेर जिले में शनिवार को दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई. जैसलमेर जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर देगराय ओरण क्षेत्र में शनिवार शाम एकाएक मौसम का मिजाज बदल गया.धूल भरी आंधियों के बीच देखते ही देखते आसमान को काले घने बादलो ने ढक सा दिया.
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Pictures: मरुधरा में हुई झमाझम बारिश के बीच आसमान में कुछ ऐसे दिखे नजारें, देखें तस्वीरेंराजस्थान के जैसलमेर जिले में शनिवार को दोपहर बाद झमाझम बारिश हुई. जैसलमेर जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर देगराय ओरण क्षेत्र में शनिवार शाम एकाएक मौसम का मिजाज बदल गया. धूल भरी आंधियों के बीच देखते ही देखते आसमान को काले घने बादलों ने ढ़क सा दिया. जिसके बाद तेज बारिश हुई. इस बीच आसमान में गजब के नजारे देखने को मिले. रिपोर्ट- श्रीकांत व्यास
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Pictures: मरुधरा में हुई झमाझम बारिश के बीच आसमान में कुछ ऐसे दिखे नजारें, देखें तस्वीरेंमौसम बदलने के बाद आसमान में मानो सूर्य देवता के तेज चमक रहे आसमान पर बादलो ने कब्जा कर लिया हो ओर आसमान का रंग ही बदल डाला.आसमान में मेघ गर्जन के साथ बिजली चमकने लगी. इस मौसम में आसमान का दृश्य देखने लायक था.
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Pictures: मरुधरा में हुई झमाझम बारिश के बीच आसमान में कुछ ऐसे दिखे नजारें, देखें तस्वीरेंपर्यावरण प्रेमी सुमेर सिंह ने इन दृश्यो को अपने कैमरे को नजरों में कैद कर लिया.देखते ही देखते बूंदाबांदी होने लगी. आकाश में सूर्य के आगे आए काले बादलो में ढलते सूर्य की लालिमा व बिजली चमकने के कारण यह दृश्य देखने को मिला है.
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Pictures: मरुधरा में हुई झमाझम बारिश के बीच आसमान में कुछ ऐसे दिखे नजारें, देखें तस्वीरेंसामान्यतः ऐसी तस्वीरें देखने को नहीं मिलती है.खासकर जब ओरण का क्षेत्र में प्रकृति के समीप ही ऐसी तस्वीरें मन मोह लेती है.आप सोच रहे होंगे यह ओरण क्या है, ओरण वो जमीन है जो देवी देवताओं के नाम से जंगल के रूप में हजारों सालो पहले वन्य-जीवों के विचरण व पशुओं के लिए खाली छोड़ी गई थी.
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Pictures: मरुधरा में हुई झमाझम बारिश के बीच आसमान में कुछ ऐसे दिखे नजारें, देखें तस्वीरेंयहां पेड़ काटने और खेती करने पर प्रतिबंध रहा है. ओरणों के देवस्थानों से जुड़े होने के कारण, रियासतकाल में इनमें वन्यजीवों का शिकार भी प्रतिबंधित था, इस कारण आज भी यंहा गोडावण, चिंकारा और प्रवासी पक्षियों की आवाजाही बनी रहती है. हम कह सकते है कि यहां आज भी यहां असल प्रकृति का अहसास जिंदा है.