पर्यटन सिटी उदयपुर को मिलेगी सौगात, आज नीमज माता रोप-वे का शुभारंभ करेंगे असम के राज्यपाल

फतहसागर झील उदयपुर में एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां वर्ष पर्यन्त देशी-विदेशी पर्यटकों का आवागमन रहता है. नीमज माता मंदिर उदयपुर शहर के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों में से एक है. जहां अब रोप-वे की सुविधा दी गई है.

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नीमज माता मन्दिर तक रोप-वे स्थापित होगी परियोजना

Neemaj Mata Ropeway Udaipur: झीलों की नगरी उदयपुर में पर्यटन को बढ़ावा देने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर जिला प्रशासन तथा उदयपुर विकास प्राधिकरण के तत्वावधान में नीमज माता पहाड़ी तक स्थापित रोप-वे का यह प्राकृतिक सौंदर्य, झील दर्शन और देव दर्शन का अनूठा संगम होगा. झीलों की नगरी में यह दूसरा रोप-वे है पहला रोप-वे पिछोला झील के पास करणी माता मन्दिर पर है.

राजस्थान के किसी भी शहर में दो रोप-वे नही है, झीलों की नगरी उदयपुर को यह सौभाग्य है, राजस्थान में जालोर में सुनंदा माता पर रोप-वे है वही एक रोप-वे जयपुर में है.

नीमज माता मन्दिर तक रोप-वे स्थापित करने की परियोजना

फतहसागर झील उदयपुर में एक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां वर्ष पर्यन्त देशी-विदेशी पर्यटकों का आवागमन रहता है. नीमज माता मंदिर उदयपुर शहर के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों में से एक है.

फतहसागर झील परिधीय क्षेत्र में पहाड़ी पर स्थित नीमज माता मंदिर शहरी आमजन के अतिरिक्त पर्यटकों की आस्था का स्थल है. विशेषकर नवरात्रि के पर्व पर मन्दिर स्थल पर श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रहती है.

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बुजुर्गों, दिव्यांगजन एवं शारिरिक रूप से अक्षम लोगों को फायदा 

यह मन्दिर पहाड़ी की चोटी पर स्थित होने से शारिरीक रूप से सक्षम श्रद्धालु मन्दिर के दर्शन कर पाते है, जबकि वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन दर्शन से वंचित रह जाते है. इस रोप-वे संचालन से सबसे बड़ा फायदा बुजुर्गों, दिव्यांगजन एवं शारिरिक रूप से अक्षम लोगों को होगा तथा सुगमता से दर्शन कर सकेंगे.

यूडीए द्वारा मैसर्स दामोदर रोपवे इन्फ्रा लि. कोलकाता से हुआ अनुबन्ध

उदयपुर विकास प्राधिकरण, उदयपुर द्वारा मैसर्स दामोदर रोपवे इन्फ्रा लि. कोलकाता से अनुबन्ध निष्पादित किया गया था. रोप-वे प्राजेक्ट का संचालन डिजाईन, बिल्ट, ऑनरशिप, ऑपरेट एवं ट्रांसफर (डी-बूट) पर आधारित है. दामोदर रोप वे इन्फ्रा लि. द्वारा 25 वर्ष की अवधि के लिए संचालन किया जायेगा. 

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यह परियोजना से उदयपुर विकास प्राधिकरण को प्रारम्भिक वर्ष से राशि  90 लाख रुपए की आय होगी जिसमे प्रति दो वर्ष में 05 प्रतिशत वृद्धि होगी. रोप-वे की लम्बाई 430 मीटर है जिसमें लॉअर टर्मिनल, 4 टॉवर एवं अपर टर्मिनल का निर्माण किया गया है. 

रोप-वे से तीन मिनट में होगा सफर

3 मिनट का होगा सफर नीमज माता मंदिर स्थल तक रोप-वे से सफर तीन मिनट में पुरा किया जायेगा तथा रोप-वे से मंदिर स्थल तक जाने एवं पुनः उतरते वक्त रोप-वे के मध्य में एक मिनट का ठहराव रखा गया है.

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रोप-वे का अपर टर्मिनल स्थल ऊंचाई पर होने एवं रोप-वे के मध्य में एक मिनट का ठहराव होने से शहरवासियों एवं पर्यटकों को उदयपुर शहर के नैसर्गिक सौन्दर्य के विहंगम दृश्य से आनन्दित हो सकेंगे. 

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