खेलो इंडिया में 4200 प्रतिभागियों पर खर्च 125 करोड़, चांदना बोले-पूर्व सरकार में 57 लाख प्रतिभागी पर 150 करोड़

पूर्ववर्ती सरकार ने सरकारी नौकरियों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए दो फ़ीसदी का कोटा किया था, लेकिन अब एलिजिबिलिटी टेस्ट की बाधा आ गई है. चांदना ने कहा कि लगातार समर्पित होकर तैयारी करने वाले अभ्यर्थी ही कई बार CET को क्वालीफाई नहीं कर पाते.

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अशोक चांदना

Rajasthan News: पूर्व मंत्री और विधायक अशोक चांदना ने सरकार की तरफ से होने वाले आयोजनों और उसमें हुए खर्च पर सवाल उठाए हैं. चांदना ने कहा कि पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के समय ग्रामीण ओलंपिक हुए और उस पर बीजेपी के लोगों ने सवाल भी उठाए थे. कहा गया था कि 125 करोड की टी-शर्ट बांट दी गई. चांदना ने कहा कि आज भी गांव के लोग वह टी-शर्ट पहन रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने तो 150 करोड़ रुपये जिस आयोजन पर खर्च किए उसमें 57 लाख प्रतिभागी शामिल हुए, जबकि पिछले दिनों खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में 4200 प्रतिभागियों पर 125 करोड रुपए खर्च किए गए?

वहीं पूर्व खेल मंत्री चांदना ने कहा कि सरकार को युवाओं के भविष्य पर ध्यान देते हुए उन्हें सट्टे की लत से भी दूर करना चाहिए. चांदना ने कहा कि कई जगह युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं साथ ही ऑनलाइन सट्टेबाजी के लत युवाओं को लग गई है.  

ऑनलाइन सट्टा किसने शुरू किया?

चांदना ने सवाल उठाते हुए कहा कि यह ऑनलाइन सट्टा किसने शुरू किया?  चुनावी चंदा लेकर इन पर कार्रवाई किसने नहीं की? इस बीच जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा ने कहा कि यह कांग्रेस के समय में शुरू हुए थे. इस पर चांदना ने पूछा - तो क्या आप इसे जारी रखेंगे? 

अशोक चांदना ने सुझाव देते हुए कहा कि सट्टेबाजी में फंसे युवाओं से पैसा वसूल करने के लिए उन्हें 10 से 20 रुपए सैंकड़ा ब्याज पर पैसा मुहैया कराया जाता है और वह इस गिरफ्त में फंस जाते हैं. उन्होंने सरकार पर ऐसे ऑनलाइन सट्टा एप्स और ब्याज माफिया पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की. चांदना ने कहा कि गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम मजबूत आदमी हैं और अगर वह चाहे तो इस पर एक्शन ले सकते हैं. उन्होंने कहा, पुलिस तो अभी सिर्फ बजरी की ट्रॉलियां गिनने में ही लगी हुई है.

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मैदान पर पसीना बहाने वाले खिलाड़ी CET कैसे पास करेगा?

खेल और युवा मामलात विभाग के अनुदान मांगों पर बोलते हुए कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री अशोक चांदना ने खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी देने के मामले में नियमों में सुधार की मांग की. उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने सरकारी नौकरियों में उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए दो फ़ीसदी का कोटा किया था, लेकिन अब एलिजिबिलिटी टेस्ट की बाधा आ गई है. चांदना ने कहा कि लगातार समर्पित होकर तैयारी करने वाले अभ्यर्थी ही कई बार CET को क्वालीफाई नहीं कर पाते. चांदना ने कहा कि ऐसे में जो खिलाड़ी मैदान पर पसीना बह रहा है, वह CET कैसे पास करेगा? चांदना ने कहा कि पिछले दिनों कांस्टेबल की भर्तियां निकाली, जिसमें 58 पद खिलाड़ियों को मिलने थे, लेकिन CET की बाध्यता के कारण केवल तीन खिलाड़ी ही भर्ती हो पाए, जबकि 55 पद खाली रह गए.

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