सऊदी हादसे में 42 भारतीय हाजियों की मौत, अजमेर शरीफ दरगाह में दुआ-ए-मगफिरत

अजमेर शरीफ दरगाह से जुड़े प्रतिनिधियों ने कहा कि मक्का–मदीना में हाजियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.

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सऊदी अरब में बस और डीजल टैंकर की भीषण टक्कर में 42 भारतीय हाजियों की मौत की खबर से देशभर में शोक की लहर है. अजमेर शरीफ दरगाह में सोमवार को विशेष दुआ–ए–मगफिरत का आयोजन किया गया. ख्वाजा गरीब नवाज रहमतुल्लाह अलैहि की दरगाह स्थित शाहजानी मस्जिद में दरगाह के खादिम सैय्यद सुल्तान रोमी बाबा ने हादसे में जान गंवाने वालों के लिए माफी और उनके परिजनों को सब्र–ओ–जमील की दुआ मांगी. इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद जायरीन ने भी हाथ उठाकर मृतकों की रूह की सलामती और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की दुआ की.

42 मुसाफिरों की मौत दुखद

दरगाह से जुड़े वरिष्ठ खादिम चिश्ती ने बताया कि सऊदी हुकूमत हाजियों और जायरीन के लिए दुनिया की बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध कराती है, लेकिन जिस तरह यह दर्दनाक हादसा हुआ, उसने तमाम अकीदतमंदों को गहरे सदमे में डाल दिया है. उन्होंने कहा कि हैदराबाद के 42 मुसाफिरों की मौत बहुत दुखद है, और सऊदी प्रशासन को भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए और पुख्ता इंतजाम करने चाहिए, ज‍िससे किसी भी हाजी की जान जोखिम में न पड़े.

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परिवारों को सहायता दिलाने की मांग 

गरीब नवाज सेवा समिति ने भी सऊदी सरकार से मांग की है कि हाजियों और दुनिया भर से आने वाले जायरिन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सड़कों पर यातायात और वाहन सुरक्षा संबंधी प्रोटोकॉल को और मजबूत किया जाए. समिति ने कहा कि पवित्र स्थलों पर होने वाली दुर्घटनाएं ना केवल परिवारों को पीड़ा देती हैं, बल्कि पूरी उम्मत को हिला देती हैं. समिति ने भारत सरकार से भी आग्रह किया कि वह सऊदी प्रशासन के साथ समन्वय कर इस हादसे में प्रभावित परिवारों को सहायता और न्याय दिलाने के कदम तेज करे.

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