राजस्थान-हरियाणा सीमा पर एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां मिट्टी धंसने से 7 मजदूरों की मौत हो गई. दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप कापड़ियावास इलाके में निर्माणाधीन सोसाइटी में हादसा हुआ. घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया. घायलों को एंबुलेंस से भिवाड़ी के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने 7 मजदूरों को मृत घोषित कर दिया. एक अन्य श्रमिक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि कुछ घायलों को अन्य अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है.
निर्माण स्थल पर चल रही थी खुदाई
जानकारी के अनुसार, निर्माण स्थल पर गहरी खुदाई का कार्य चल रहा था. इसी दौरान अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा ढह गया, और वहां काम कर रहे कई मजदूर उसके नीचे दब गए. घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मौजूद लोग और बचाव दल ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद मिट्टी में दबे लोगों को बाहर निकाला गया, तब तक कई श्रमिकों की सांसें थम चुकी थीं.
मलबे में दबे होने की संभावना
भिवाड़ी के सरकारी अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. सागर अरोड़ा ने बताया कि 7 शवों को अस्पताल लाया गया था, जिन्हें जांच के बाद मृत घोषित कर दिया गया. उन्होंने आशंका जताई कि राहत कार्य जारी रहने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है, क्योंकि अभी भी मलबे में लोगों के दबे होने की संभावना है.
भिवाड़ी पुलिस ने बताया कि मृतकों में परमेश्वर (52), सतीश (35) निवासी जिला भरतपुर, भागीरथ (50) और मंगल (32) की पहचान हो चुकी है, जबकि दो अन्य मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. पुलिस ने मामले की सूचना हरियाणा पुलिस को दे दी है, और मृतकों के परिजनों को भी घटना की जानकारी दी जा रही है.
सूचना पर अस्पताल पहुंच रहे परिजन
हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में श्रमिकों के परिजन अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचने लगे. अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घटनास्थल पर मौजूद श्रमिकों के परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए नाराजगी भी जताई. कई लोगों का कहना है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ है.
फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं. राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है, और मलबे में दबे अन्य लोगों की तलाश की जा रही है. हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा.