जोधपुर में 3 साल की बच्ची से दुष्कर्म, राजस्थान में एक साल में SC-ST महिलाओं के साथ दुष्कर्म के 763 मुकदमे हुए दर्ज

घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश है. वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने भी कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कई विपक्ष के नेताओं ने कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं.

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Rajasthan: राजस्थान के जोधपुर के बिलाड़ा में 3 साल की दलित बच्ची से रेप के मामले ने एक बाद फिर सबको झकझोंर दिया है. मामले में बच्ची के परिचित ने ही यह दुष्कर्म किया. आरोपी बच्ची को कुरकुरे का लालच देकर घर के पास खेतों में ले गया. वहां आरोपी ने बच्ची के साथ रेप किया और इसके बाद उसे घर के पास छोड़कर फरार हो गया. 

बच्ची को रोते हुए देख परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया. इसके बाद बच्ची की हालत बिगड़ने लगी और उसे जोधपुर रेफर किया गया. प्राथमिक उपचार के दौरान ही दुष्कर्म का पता लगा तो पुलिस को सूचना दी गई.  आरोपी घटना के बाद भरतपुर भागने की फिराक में था. पुलिस ने उसे पाली से गिरफ्तार किया. मामले में ये भी सामने आया है कि आरोपी साजिद खान पोर्न वीडियो देखने का आदी था. इस घटना को अंजाम देने से पहले भी उसने 15 पोर्न वीडियो देखे थे. बच्ची की हालत अब भी गंभीर है. 

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घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश

घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश है. वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने भी कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कई विपक्ष के नेताओं ने कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. वहीं, इस मामले ने एक बार फिर से महिला सुरक्षा और दलित आदिवासी महिलाओं के साथ हो रहे अपराधों की गंभीर स्थिति को उजागर किया है. 

एससी एसटी महिलाओं के साथ बलात्कार के कुल 763 मामले दर्ज

राजस्थान विधानसभा में राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में 01 जनवरी 2024 से 31 जनवरी 2025 तक एससी एसटी महिलाओं के साथ बलात्कार के कुल 763 मामले दर्ज हुए हैं. प्रदेश में राजधानी जयपुर में कुल 104 मामले दर्ज किए गए. गंगानगर में 60, अलवर में 38, हनुमानगढ़ में 36, जोधपुर में 31, सीकर में 29 मामले दर्ज हुए हैं. वहीं, कुल दर्ज 763 मामलों में से 333 मामलों में चालान पेश हुआ है. इसके अलावा 410 मामलों में एफआर लगाई जा चुकी है, जबकि 20 मामले अभी लंबित है.

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