राजस्थान हाईकोर्ट ने एक सड़क दुर्घटना की वजह से स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी की याचिका पर एक अहम फैसला सुनाया है. पुलिस कांस्टेबल नरेंद्र सिंह सिसोदिया दुर्घटना के बाद कोमा में चले गए थे. इसके बाद पुलिस विभाग ने उनका वेतन रोक दिया. दूसरी ओर उनके इलाज पर भारी खर्च हो रहा है. इसके बाद कांस्टेबल की पत्नी ने हाई कोर्ट में गुहार लगाई थी जिस पर अदालत ने परिवार को बड़ी राहत देनेवाला आदेश दिया है.
न्यायाधीश आनंद शर्मा की एकलपीठ ने फैसला सुनाया है कि 2021 के अगस्त से कोमा में चल रहे पुलिस कांस्टेबल को पिछले चार साल के वेतन का भुगतान किया जाए. कोर्ट ने राज्य सरकार को चार सप्ताह में यह कार्यवाही करने के आदेश दिए हैं. साथ ही अदालत ने विशेष असमर्थता अवकाश स्वीकृत करने का भी आदेश दिया है. पुलिस कांस्टेबल नरेंद्र सिंह सिसोदिया की पत्नी शारदा कंवर की याचिका पर अधिवक्ता लक्ष्मीकांत शर्मा मालपुरा ने पैरवी की.
पुलिस अधिकारियों ने नहीं की मदद
एडवोकेट लक्ष्मीकांत शर्मा ने बताया कि याचिकाकर्ता के पति कांस्टेबल नरेंद्र सिंह ड्यूटी के समय सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए थे. इसके चलते वो 22 अगस्त 2021 से कोमा में हैं. उनके शरीर का 85 प्रतिशत हिस्सा स्थायी रूप से दिव्यांग हो चुका है. इसके बाद भी विभाग द्वारा उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है. कांस्टेबल की पत्नी ने याचिका में लिखा कि एक ओर उनके पति को वेतन नहीं मिल रहा है. वहीं, दूसरी ओर उनके इलाज में काफी पैसा खर्च हो चुका है. ऐसे में उनके जीवन यापन का और कोई साधन नहीं है.
याचिकाकर्ता ने विभाग को लगातार प्रतिवेदन देकर और पुलिस अधिकारियों से मिलकर भी वेतन दिलवाये जाने की गुहार भी लगाई. इसके बावजूद विभाग ने वेतन का भुगतान नहीं किया गया. इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की.
अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि आदेश प्राप्ति के चार सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता के पति का अगस्त 2021 से अभी तक का लगातार वेतन भुगतान करें. साथ ही याचिकाकर्ता के पति के विशेष असमर्थता अवकाश के आवेदन को स्वीकृत करें.
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