Rajasthan: गरीब सफाईकर्मी बेटियों की शादी का देने गया था निमंत्रण, पता नहीं था कि हो जाएगा चमत्कार

सीकर शहर में एक मोहल्ले में झाड़ू लगानेवाले एक सफाईकर्मी की बेटियों की ऐसी धूम-धाम से शादी हुई कि उसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी.

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शादियों के सीजन में एक ओर जहां बड़े नेताओं, फिल्मी सितारों और दौलतमंद कारोबारियों के परिवारों की शादियां सुर्खियां बटोर रही हैं, उन्हीं के बीच राजस्थान में एक निर्धन परिवार की बेटियों की शादी की चर्चा हो रही है. सीकर शहर में एक मोहल्ले में झाड़ू लगानेवाले एक सफाईकर्मी की बेटियों की ऐसी धूम-धाम से शादी हुई कि उसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी. वाल्मीकि समाज के सफाईकर्मी राधेश्याम की बेटियां निशा और निकिता की शादी मानवता और सामाजिक समरसता की मिसाल बताई जा रही है.

राधेश्याम की बेटी निशा और निकिता
Photo Credit: NDTV

राधेश्याम सीकर शहर के एक मोहल्ले में झाड़ू लगाते हैं. उन्होंने अपनी दो बेटियों निशा और निकिता की शादी तय की. इसके बाद वह एक दिन अपनी बेटियों को लेकर शादी का निमंत्रण देने के लिए प्रमोद सिंघानिया के पास पहुंचे जो उसी मोहल्ले में रहते हैं जहां राधेश्याम सफाई करते हैं. सिंघानिया अनंतराम चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं. उन्होंने इसके बाद एक शानदार पहल की.

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Photo Credit: प्रमोद सिंघानिया ने दोनों बेटियों का कन्यादान किया

शादी के लिए बांटे 5000 कार्ड

प्रमोद सिंघानिया ने राधेश्याम की दोनों बेटियों की  शादी का पूरा जिम्मा अपने हाथ में उठा लिया और धूम-धाम से शादी करवाई. शादी के लिए पूरे शहर भर से करीब 5000 कार्ड निमंत्रण बांटेऔर राधेश्याम की दोनों बेटियों का भाई बनकर विवाह की रस्में निभाई. यह सारी तैयारी केवल 20 दिन में हो गई.

विवाह में शहर भर के लोगों ने हिस्सा लिया

सिंघानिया बताते हैं, "राधेश्याम जी पिछले कई वर्षों से हमारे मोहल्ले में सफाई का कार्य देखते हैं, जिसके चलते कई वर्षों से इसे काफी स्नेह और प्रेम था. एक दिन अचानक उन्होंने अपनी बेटियों की शादी की चर्चा कर दी, तब हमने सोचा था कि किसी तरह से सहयोग कर देंगे. लेकिन जब वो और उनकी दोनों बेटियां शादी का निमंत्रण देने के लिए आई तो उनकी आर्थिक स्थिति देखते हुए मन में आया कि इनकी दोनों बेटियों को अपनी बेटी मानकर ही अच्छी शादी और कन्यादान करेंगे."

शादी में सामाजिक समरसता दिखाई दी

इस अनूठी शादी में समाज के सभी वर्गों के लोग शामिल हुए. शादी में साधु संतों के अलावा जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी दूल्हा दुल्हन को आशीर्वाद देने के लिए पहुंचे. शादी में प्रमोद सिंघानिया ने खुद दोनों बेटियों का कन्यादान किया.

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