ACB Action: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की इंटेलिजेंस यूनिट, अजमेर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के टेक्नीशियन-प्रथम बबलेश कुमार शर्मा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. आरोपी पर पॉली हाउस के लिए बिजली कनेक्शन जारी करने की एवज में रिश्वत मांगने और ऑनलाइन माध्यम से राशि लेने का आरोप है. बताया जा रहा है कि आरोपी ने 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी. लेकिन 10 हजार रिश्वत पर डील तय हुई थी.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के अनुसार एसीबी को शिकायत मिली थी कि परिवादी ने अपने पिता एवं बड़े पिताजी के नाम ग्राम ढसूक स्थित कृषि भूमि पर पॉली हाउस के लिए बिजली कनेक्शन का आवेदन किया था. जब वह किशनगढ़ स्थित एवीवीएनएल कार्यालय पहुंचा तो वहां कर्मचारी गिरीराज मीणा ने कथित रूप से 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की और कहा कि आगे की बातचीत टेक्नीशियन बबलेश कुमार शर्मा करेगा.
व्हाट्सएप कॉल और PhonePe से मांगी गई रिश्वत
शिकायत के अनुसार 25 जून को आरोपी बबलेश कुमार शर्मा ने परिवादी को व्हाट्सएप कॉल कर 15 हजार रुपये PhonePe के माध्यम से भेजने के लिए कहा. आरोपी ने भरोसा दिलाया कि रिश्वत की रकम मिलते ही बिजली कनेक्शन की फाइल तत्काल स्वीकृत करा दी जाएगी.
गोपनीय सत्यापन के बाद बिछाया गया जाल
उपमहानिरीक्षक नारायण टोगस के सुपरविजन में पुलिस निरीक्षक कंचन भाटी ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया. मांग सत्यापन के दौरान यह पुष्टि हुई कि आरोपी 10 हजार रुपये रिश्वत लेकर कार्य करने को तैयार था.
इसके बाद एसीबी टीम ने सुनियोजित ट्रैप की कार्रवाई की. पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार आरोपी ने परिवादी से ऑनलाइन माध्यम से 10 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार की. राशि प्राप्त होते ही एसीबी टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.
अब अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में
एसीबी ने आरोपी को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है. अधिकारियों के अनुसार मामले में अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है. एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव तथा महानिरीक्षक एस परिमला के निर्देशन में पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.
भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की अपील
एसीबी ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी सरकारी कार्यालय में वैध कार्य के बदले रिश्वत मांगी जाती है तो उसकी सूचना तत्काल टोल फ्री हेल्पलाइन 1064 अथवा व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9413502834 पर दें. ब्यूरो ने भरोसा दिलाया है कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखते हुए भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी.
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