Rajasthan News: राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा में है. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने छोटी सरवा पुलिस चौकी पर तैनात हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह और कांस्टेबल जयपाल सिंह को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा. यह कार्रवाई पाटन थाना क्षेत्र में की गई जिससे विभाग में हलचल मच गई.
वाहन सुपुर्दगी की फाइल बना बना कर खेल
मामला एक निजी वाहन के नुकसान से जुड़ा था. परिवादी के परिचित का कुछ लोगों से विवाद हुआ था जिसमें गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई. केस पाटन थाने में दर्ज था और जांच की जिम्मेदारी हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह के पास थी. आरोप है कि वाहन की सुपुर्दगी की फाइल तैयार करने और नुकसान की भरपाई दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगी गई.
मुंशी के जरिए मांगे गए पैसे
एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीना ने बताया कि सुरेंद्र सिंह ने अपने मुंशी कांस्टेबल जयपाल सिंह के माध्यम से 2000 रुपये की मांग रखी. शिकायत मिलने के बाद शुक्रवार को सत्यापन किया गया जिसमें दोनों की भूमिका सामने आई.
शनिवार को बिछा जाल, रंगे हाथों गिरफ्तारी
शनिवार को एसीबी टीम ने जाल बिछाया. तय योजना के अनुसार जैसे ही जयपाल सिंह ने रिश्वत की राशि ली उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया. पास में मौजूद हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह को भी साजिश में शामिल पाए जाने पर डिटेन कर लिया गया.
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस
पूरी कार्रवाई एसीबी के महानिरीक्षक राजेश सिंह और उप महानिरीक्षक डॉ रामेश्वर सिंह के निर्देशन में हुई. दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.
घर की तलाशी और आगे की जांच
एसीबी टीम आरोपियों के घरों की तलाशी भी ले रही है. शुरुआती जांच में सामने आया कि न्याय दिलाने की जिम्मेदारी निभाने के बजाय ये पुलिसकर्मी परिवादी की मजबूरी का फायदा उठा रहे थे. अब आगे की पूछताछ में और खुलासे होने की संभावना है.
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