ACB Action: 800000 रुपये घूस लेते पकड़ा गया SHO और कांस्टेबल, 2000000 रुपये की थी डिमांड

घूस एक एनडीपीएस मामले में चार लोगों को आरोपी नहीं बनाने की एवज में मांगी गई थी. पुलिस द्वारा परिजनों को फंसाने की धमकी देकर कुल 20 लाख रुपए की डिमांड की गई थी.

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उदयपुर में SHO कांस्टेबल गिरफ्तार

ACB Action: राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई कर रही है. एसीबी की टीम ने सोमवार (23 मार्च) को उदयपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस के अधिकारी को पकड़ा है. उदयपुर में एसीबी ने खाकी को दागदार करने वाले एक बड़े खेल का पर्दाफाश किया है. SHO और कांस्टेबल को एसीबी की टीम ने 8 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. यह घूस एक एनडीपीएस मामले में चार लोगों को आरोपी नहीं बनाने की एवज में मांगी गई थी. पुलिस द्वारा परिजनों को फंसाने की धमकी देकर कुल 20 लाख रुपए की डिमांड की गई थी.

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए बडी कार्रवाही को अंजाम दिया है. एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में मांडवा थानाधिकारी निर्मल कुमार खत्री और कॉन्स्टेबल भालाराम को 8 लाख रुपए की रिश्वत के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया. 

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5 लाख रुपये के हिसाब से 20 लाख रुपये की डील

पूरा मामला 20 मार्च को हुई एक दबिश से शुरू हुआ था. मांडवा पुलिस ने साडीफलां और नदीफलां इलाके में डोडा चूरा बरामद किया था, जहां मुख्य आरोपी फरार हो गए थे. इसी का फायदा उठाकर थानाधिकारी निर्मल कुमार और कॉन्स्टेबल भालाराम ने आरोपियों के परिजनों को एनडीपीएस केस में फंसाने का डर दिखाया. उन्होंने चार लोगों को आरोपी नहीं बनाने के बदले प्रति व्यक्ति 5 लाख रुपए के हिसाब से कुल 20 लाख रुपए की मांग की. 

डरा-धमकाकर बना रहा था दबाव

मांडवा एसएचओ शिकायतकर्ता को डरा-धमकाकर रुपयों का दबाव बना रहा था. परेशान होकर पीड़ित ने एसीबी का दरवाजा खटखटाया. एसीबी डीआईजी रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में पुलिस निरीक्षक ऐसीबी, उदयपुर डॉ.सोनू शेखावत ने ट्रैप की योजना बनाई. करीब पांच किलोमीटर दुर्गम रास्तों से चलने के बाद जैसे ही रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 8 लाख रुपए थमाए गए, टीम ने दबिश देकर दोनों को धर दबोचा. 

एसीबी की टीम अब आरोपियों के ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चला रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस वसूली के खेल में ओर भी कोई शामिल  तो नहीं हैं. फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.

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