टोंक में एसीबी का बड़ा धमाका, 25000 रिश्वत लेते ASI रंगे हाथों गिरफ्तार; केस में मदद के लिए मांगे थे पैसे

टोंक जिले के दत्तवास थाने में तैनात ASI को जयपुर एसीबी ने 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है. आरोपी ने केस में मदद करने और जब्त मोबाइल लौटाने के बदले यह घूस मांगी थी.

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ASI को जयपुर एसीबी ने 25,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है.

ACB Action In Tonk: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक और बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है. जयपुर नगर तृतीय इकाई की टीम ने टोंक जिले के दत्तवास थाने में तैनात एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) को भारी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया है. इस कार्यवाही से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है.

मोबाइल लौटाने और मदद के नाम पर मांगी घूस

एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के अनुसार ब्यूरो को एक परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में बताया गया कि दत्तवास थाने में उसके खिलाफ एक मामला (प्रकरण संख्या 50/26) दर्ज है. इस मामले में मदद करने और पुलिस द्वारा जब्त किए गए मोबाइल को वापस लौटाने के बदले थाने का एएसआई गणेश नारायण चौधरी 25,000 रुपये की रिश्वत मांग रहा है.

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एसीबी ने बिछाया जाल और ऐसे पकड़ा गया आरोपी

शिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी की टीम ने ट्रेप की योजना बनाई. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश नवल के नेतृत्व और उप अधीक्षक सुरेश कुमार स्वामी की टीम ने जाल बिछाया. जैसे ही आरोपी एएसआई गणेश नारायण चौधरी ने परिवादी से 25,000 रुपये की नगद राशि ली वैसे ही टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.

भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज

फिलहाल आरोपी एएसआई से पूछताछ जारी है और उसके ठिकानों की भी जांच की जा सकती है. एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता वास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के निर्देशन में आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है. ब्यूरो अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर इस कांड की गहराई से जांच करेगा.

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