राजस्थान सरकार ने राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना यानी आरजीएचएस (RGHS) यानी आरजीएचएस से जुड़ी 215 प्राइवेट फार्मेसियों के लेन-देन करने पर अस्थायी रोक लगा दी है. इनके खिलाफ यह कार्रवाई लाभार्थियों को समय पर दवाइयां उपलब्ध नहीं कराने की शिकायत मिलने के बाद की गई है. स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि 215 निजी फार्मेसियों के खिलाफ लगभग दो माह से आरजीएचएस के अंतर्गत कार्य नहीं करने तथा लाभार्थियों को दवाइयां उपलब्ध नहीं कराने की वजह से उनका टीएमएस अस्थायी रूप से बंद किया गया है.
कारण बताओ नोटिस का नहीं दिया जवाब
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि आरजीएचएस में दवा वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है. लंबे समय से दवा उपलब्ध नहीं कराने वाली फार्मेसियों को स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था. असंतोषजनक उत्तर तथा कारण बताओ नोटिस का उत्तर प्रस्तुत करने में विफल रहने के कारण संबंधित फार्मेसियों का टीएमएस निलंबित किया गया है.
उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को दवा प्राप्त करने में हो रही परेशानी को देखते हुए यह कार्रवाई फार्मेसियों में अनुशासन स्थापित करने एवं योजना के दिशा-निर्देशों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है.
जयपुर में सबसे अधिक फार्मेसियों के खिलाफ कार्रवाई
जयपुर में सर्वाधिक 39 फार्मेसियों का टीएमएस अस्थायी रूप से बंद किया गया है. परियोजना अधिकारी ,आरजीएचएस , डॉ. निधि पटेल ने बताया कि अलवर एवं सीकर में 20-20, भरतपुर, चूरू एवं दौसा में 10-10, अजमेर में 9, झुंझुनूं एवं श्रीगंगानगर में 8-8, जोधपुर एवं कोटा में 7-7, हनुमानगढ़ एवं पाली में 6-6, बारां, कोटपूतली-बहरोड़ में 5-5, डीग, खैरथल-तिजारा एवं टोंक में 4-4, डीडवाना-कुचामन, नागौर एवं उदयपुर में 3-3 तथा ब्यावर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, धौलपुर, जैसलमेर, जालोर एवं करौली में 2-2 फार्मेसियों पर कार्रवाई की गई है. इसी प्रकार बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर, झालावाड़, सवाई माधोपुर एवं सिरोही में 1-1 फार्मेसी का टीएमएस अस्थायी रूप से बंद किया गया है. राजस्थान के बाहर स्थित दिल्ली एवं गुरुग्राम में भी 1-1 फार्मेसी पर कार्रवाई की गई है.
आगे हो सकती है और कार्रवाई
डॉ. निधि पटेल ने कहा कि आरजीएचएस का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को आवश्यक दवाइयां समय पर और सुचारु रूप से उपलब्ध कराना है. दवा वितरण में लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लिया जा रहा है. डॉ. निधि पटेल बताया कि संबंधित फार्मेसियों से प्राप्त स्पष्टीकरण एवं उपलब्ध अभिलेखों की जांच के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी. आरजीएचएस द्वारा दवा वितरण व्यवस्था की निरंतर निगरानी की जा रही है, ताकि लाभार्थियों को योजना के तहत आवश्यक दवाइयां समयबद्ध रूप से उपलब्ध हो सकें.
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