Jaipur News: राजस्थान की धरती पर मंगलवार को आयोजित पश्चिम क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन (West Zone Agriculture Conference) में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने किसानों के लिए कई बड़े बदलावों का संकेत दिया है. सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए फार्मर आईडी (Farmer ID) को मुख्य आधार बनाया जाएगा.
'फार्मर आईडी से होगा खाद का वितरण'
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देशभर में किसानों की डिजिटल आईडी बनाने का काम तेजी से चल रहा है. इस आईडी में किसान और उसकी खेती से जुड़ी सभी जानकारी शामिल होगी. उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आने वाले समय में खाद का वितरण भी फार्मर आईडी के जरिए ही किया जाएगा. राजस्थान में अभी 10 लाख किसानों की आईडी बनना बाकी है, जिसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.
'केंद्र सरकार राज्यों पर कोई योजना नहीं थोपेगी'
शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि केंद्र सरकार राज्यों पर कोई योजना नहीं थोपेगी. राज्य खुद तय करेंगे कि उन्हें किस योजना में कितना फंड खर्च करना है. कृषि बजट का पैसा राज्यों को जल्द जारी किया जाएगा ताकि वे इसका सही क्रियान्वयन कर सकें.
ट्रांसपोर्टेशन का खर्च उठाएगी केंद्र सरकार
किसानों को बाजार की मार से बचाने के लिए केंद्रीय मंत्री ने बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में आलू और प्याज के दाम कम हुए हैं. ऐसे में यदि किसान किसी सरकारी एजेंसी के जरिए अपनी फसल दूसरी जगह बेचना चाहता है, तो उसके ट्रांसपोर्टेशन (परिवहन) का पैसा केंद्र सरकार देगी. फिलहाल खरीद का काम चल रहा है और इसे समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं.
कम जमीन पर बेहतर खेती का मॉडल
मंत्री ने कहा कि भारत में किसानों के पास जमीन कम है, इसलिए हमने कई ऐसे मॉडल बनाए हैं जिनसे कम जमीन पर भी अच्छी खेती की जा सके. यह सम्मेलन कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने और बदलती जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी रणनीति तैयार करने का एक गंभीर प्रयास है. हर विषय पर प्रेजेंटेशन के बाद विस्तार से चर्चा की जाएगी.
इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि बदलते दौर में खेती घाटे का सौदा बन गई है, इसलिए अब हमें ऐसी फसलों पर फोकस करना चाहिए जिससे किसानों को सही भाव और सीधा लाभ मिले. इस दौरान उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को आगामी GRAM (Global Rajasthan Agritech Meet) सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया और कहा कि इस मंथन से निकला 'अमृत' हर खेत-खलिहान तक पहुंचेगा. जवाब में शिवराज सिंह चौहान ने 'विकसित कृषि संकल्प अभियान' के लिए राज्यों से उनकी जरूरतें मांगी और आश्वासन दिया कि जिस भी क्षेत्र के वैज्ञानिकों की आवश्यकता होगी, केंद्र उन्हें राज्यों में भेजेगा. राजस्थान ने कृषि रोडमैप बनाने की पहल कर दी है, जिसके लिए केंद्र सरकार आज ही एक विशेष टीम गठित करने जा रही है.
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