AI और सैटेलाइट से खुली 7000 करोड़ की टैक्स चोरी, राजस्थान में 900 लोगों को Income Tax का नोटिस

राजस्थान में कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त में बड़ी टैक्स चोरी का मामला सामने आया है. आयकर विभाग ने AI और सैटेलाइट तकनीक की मदद से करीब 7000 करोड़ रुपये के लेन-देन को चिन्हित कर 900 लोगों को नोटिस जारी किए हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
राजस्थान में कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त में बड़ी टैक्स चोरी का मामला सामने आया है

Rajasthan News: देशभर में पहली बार आयकर विभाग ने तकनीक का इस्तेमाल करते हुए कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त में बड़े स्तर पर टैक्स चोरी का मामला पकड़ा है. विभाग ने लगभग 7000 करोड़ रुपये के लेन-देन में संभावित टैक्स चोरी का पता लगाया है. इस मामले में फिलहाल राजस्थान के करीब 900 लोगों को नोटिस भेजे गए हैं और उन्हें अपनी आयकर रिटर्न संशोधित करने का मौका दिया गया है.

जयपुर के आसपास के 250 गांव जांच के दायरे में

यह पूरा मामला जयपुर शहर के शहरी क्षेत्र और उसके आसपास के करीब 8 किलोमीटर के बफर जोन से जुड़ा हुआ है. इस दायरे में लगभग ढाई सौ गांव आते हैं जहां पिछले कुछ वर्षों में बड़े स्तर पर कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त हुई है. आयकर विभाग ने इन जमीन सौदों का डेटा जुटाकर जांच की तो कई मामलों में कैपिटल गेन टैक्स नहीं चुकाने की बात सामने आई.

IIT दिल्ली की मदद से किया गया तकनीकी विश्लेषण

इस कार्रवाई की खास बात यह है कि इसमें किसी प्रकार का सर्वे या छापा नहीं मारा गया. आयकर विभाग ने तकनीक का सहारा लिया और इसके लिए IIT दिल्ली के साथ सहयोग किया गया. आईआईटी दिल्ली की तकनीकी टीम ने सैटेलाइट इमेज और डिजिटल मैपिंग के जरिए म्युनिसिपल सीमा से 8 किलोमीटर तक के बफर जोन की पहचान की. इसी आधार पर जमीन के सौदों का तकनीकी आकलन किया गया.

आयकर कानून की धारा 2(14)(3) के तहत कार्रवाई

आयकर विभाग ने यह कार्रवाई आयकर अधिनियम की धारा 2(14)(3) के तहत की है. इस प्रावधान के अनुसार अगर कोई कृषि भूमि नगर निगम या नगर निकाय क्षेत्र के पास स्थित बफर जोन में आती है और उसे बेचा जाता है तो उस पर कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है. कई लोगों में यह गलतफहमी थी कि कृषि भूमि बेचने पर टैक्स नहीं देना पड़ता जबकि शहरी सीमा के पास की जमीन पर यह नियम लागू होता है.

Advertisement

अभी टैक्स जमा करने का दिया गया मौका

विभाग ने नोटिस भेजकर संबंधित लोगों को अपनी आयकर रिटर्न संशोधित करने का अवसर दिया है. यदि वे रिटर्न संशोधित करके कैपिटल गेन टैक्स जमा कर देते हैं तो आगे की कार्रवाई से बच सकते हैं.

राजस्थान के 14 शहरों में जांच की तैयारी

जयपुर के अलावा जोधपुर अजमेर उदयपुर कोटा बीकानेर भरतपुर चित्तौड़गढ़ भीलवाड़ा पाली समेत राजस्थान के कुल 14 शहरों के आसपास हुई कृषि भूमि की खरीद-फरोख्त भी आयकर विभाग की निगरानी में है. आने वाले समय में इन शहरों में भी नोटिस जारी किए जा सकते हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें- कोटा–बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास, पीएम मोदी बोले-हाड़ौती के विकास को मिलेगी नई उड़ान