Ajmer News: राजस्थान के अजमेर जिले में दो साल पहले हुए एक रूह कंपा देने वाले बहुचर्चित अपहरण और अमानवीय हिंसा के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है. गेगल थाना क्षेत्र से एक युवक का अपहरण कर उसकी नाक काटने और वीडियो वायरल करने के मामले में अतिरिक्त सिविल न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-2 ने सभी 8 आरोपियों को दोषी करार दिया है.
आठ आरोपियों को मिला तीन-तीन साल की जेल
मामले पर फैसला सुनाते अतिरिक्त सिविल न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-2 ने आठ आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को तीन-तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही सभी पर कुल चार लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है और पीड़ित पक्ष को 3.50 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने के आदेश भी दिए गए हैं.
पीड़ित का अपहरण कर क्रूरता की सारी हदें की थीं पार
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला अमानवीय हिंसा का था. आरोपियों ने एक सुनियोजित साजिश के तहत युवक पीड़ित का अपहरण किया, फिर उसे नागौर जिले के मारोठ गांव ले जाकर तालाब के पास पीड़ित के साथ बेरहमी से मारपीट की और दरांती से उसकी नाक काट दी थी. इतना ही नहीं, इस खौफनाक वारदात का वीडियो बनाकर उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल भी किया गया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन जाए.
क्या था मामला
दो साल पहले पीड़ित बीरबल खान ने अपनी बेटी के अपहरण को लेकर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जो बीरबल और जावेद इकबाल को नागवार गुजरी. क्योंकि पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई की थी. उन्होंने मुख्य आरोपी बीरबल और जावेद इकबाल सहित कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया.
29 गवाह और 97 दस्तावेज ने साबित किया आरोपियों का जघन्य अपराध
अभियोजन अधिकारी हनी टांक ने बताया अभियोजन पक्ष ने मामले को मजबूत बनाने के लिए अदालत में 29 गवाह और 97 दस्तावेज पेश किए . साथ ही पुलिस के जरिए ठोस सबूतों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई. इस फैसले को पीड़ित पक्ष के लिए न्याय की बड़ी जीत माना जा रहा है.
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