Ajmer Court News: पत्नी से झगड़े के बाद 4 साल के बेटे को कुएं में फेंका, बेटियों ने दी गवाही; अब आखिरी सांस तक जेल में रहेगा पिता

अजमेर में कलेजे के टुकड़े को कुएं में धकेलने वाले पिता को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. दो मासूम बेटियों की गवाही सुनने के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है. दोषी पिता ने यह कदम पत्नी से झगड़े के चलते उठाया था.

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अजमेर कोर्ट का बड़ा फैसला: 4 साल के बेटे की हत्या करने वाले पिता को उम्रकैद की सजा
NDTV Rajasthan

Rajasthan News: राजस्थान के अजमेर जिले से रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे समाज को हिलाकर रख दिया है. एक पिता, जिसे रक्षक होना था, वही अपने बच्चों का भक्षक बन गया. 25 फरवरी 2026 को अजमेर की अदालत ने इस जघन्य अपराध पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी पिता को आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई है.

स्कूल से लेकर सीधे मौत के कुएं तक

घटना 7 जुलाई 2023 की है, जिसने गंज थाना इलाके में सनसनी फैला दी थी. आरोपी विजय सिंह अपने मासूम बच्चों को स्कूल से लेने पहुंचा था. घर ले जाने के बजाय वह उन्हें खेत के एक सुनसान कुएं पर ले गया. वहां उसने अपने 4 साल के बेटे हर्ष और अपनी बेटियों को कुएं में धकेल दिया. एक बेटी मौके से भाग निकली, दूसरी ने मौत से लड़कर अपनी जान बचा ली, लेकिन मासूम हर्ष बेबस होकर पानी में डूब गया.

बेटियों की मार्मिक गवाही ने हिलाया कोर्ट

इस पूरे केस में सबसे भावुक और मजबूत कड़ी आरोपी की अपनी दो बेटियां, संध्या और श्रेष्ठ बनीं. अदालत में जब इन नन्ही बच्चियों ने अपने पिता के क्रूर चेहरे का सच बयां किया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं. अपर लोक अभियोजक गुलाम नजमी फारूकी ने 25 गवाह और 26 पुख्ता दस्तावेज पेश किए, लेकिन इन बेटियों की गवाही ने आरोपी के बचने के सारे रास्ते बंद कर दिए.

20 हजार का जुर्माना और उम्रकैद

अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (संख्या 4) की पीठासीन अधिकारी रितु मीणा ने फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की कि मासूमों के हत्यारों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है. अदालत ने आरोपी विजय सिंह को धारा 302 (हत्या) में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी. इसके अलावा, बेटियों की हत्या के प्रयास (धारा 307) में अलग से 10 साल की सजा सुनाई गई.

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पीड़ित परिवार को मिलेगी अब आर्थिक मदद

सजा सुनाने के साथ ही अदालत ने मानवता का परिचय देते हुए राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2011 के तहत पीड़ित बच्चों को मुआवजा दिलाने की भी अनुशंसा की है.

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