Rajasthan News: अजमेर में जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्म कल्याणक महोत्सव पर इस वर्ष सबसे बड़ा आकर्षण देश का सबसे बड़ा सोने का रथ रहा. इस रथ को देखने के लिए देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. करोड़ों की लागत से बने इस भव्य रथ पर श्रीजी की सवारी निकाली गई. यह रथ वर्ष में एक बार महावीर जयंती पर ही बाहर निकाला जाता है और इसकी भव्यता श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर देती है.
जगह-जगह झांकियों का किया गया स्वागत
इसके बाद केसरगंज स्थित श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ हुआ. शोभायात्रा में जैन धर्म की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक वैभव को दर्शाती आकर्षक झांकियां सजाई गईं. महिला, पुरुष और बच्चों ने भजनों पर नृत्य कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया. जगह-जगह विभिन्न समाजों और संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया.
शोभायात्रा में सेठ भागचंद सोनी परिवार द्वारा निर्मित स्वर्ण रथ सहित कुल 13 अन्य रथ भी शामिल रहे. रथ की संरचना लकड़ी और तांबे पर सोने की परत चढ़ाकर तैयार की गई है, जिसे वर्षों पहले कारीगरों ने बनाया था. महावीर जयंती से पहले इसके विभिन्न हिस्सों को जोड़कर तैयार किया जाता है और यात्रा के बाद फिर अलग कर सुरक्षित रखा जाता है.
बैंड दलों ने मधुर धुनों की दी प्रस्तुति
कार्यक्रम में महिलाएं केसरिया साड़ी और पुरुष श्वेत वस्त्रों में शामिल हुए. विभिन्न स्थानों से आए बैंड दलों ने मधुर धुनों की प्रस्तुति दी. इस अवसर पर भागीरथ चौधरी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. वहीं ख्वाजा साहब की दरगाह के खादिम समुदाय ने जैन समाज के लोगों को दस्तार बांधकर आपसी सौहार्द और एकता की मिसाल पेश की.
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