अजमेरः ख्वाजा गरीब नवाज पर ऑनलाइन चादरपोशी से ठगी, खादिम ने की कार्रवाई की मांग

अजमेर के ख्वाजा गरीब नवाज पूरे देश में मशहूर हैं. नामचीन हस्तियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में आम लोग यहां चादरपोशी कर मन्नतें मांगते हैं. लेकिन बीते कुछ दिनों से ऑनलाइन चादरपोशी के नाम पर ठगी का मामला का मामला सामने आया है.

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अजमेर स्थित ख्वाजा गरीब नमाज की दरगाह.

ऑनलाइन शॉपिंग के मौजूदा दौर में साइबर फ्रॉड की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं. साइबर फ्रॉड करने वाले शातिर अलग-अलग तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. अब ठगी के इस खेल में शातिरों ने लोगों की आस्था का सौदा करना भी शुरू कर दिया है. ताजा मामला अजमेर से सामने आया है. जहां के ख्वाजा गरीब नवाज पर ऑनलाइन चादरपोशी का दावा कर एक एप लोगों को न केवल गुमराह कर रहा है बल्कि उनसे पैसों की ठगी भी कर रहा है. 

मालूम हो कि ख्वाजा गरीब नवाज पूरे देश में मशहूर हैं. नामचीन हस्तियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में आम लोग यहां चादरपोशी कर मन्नतें मांगते हैं. लेकिन बीते कुछ दिनों से ऑनलाइन चादरपोशी के नाम पर ठगी का मामला का मामला सामने आया है.  ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह के खुद्दामे ख्वाजा (खादिम) ने इस एप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. 

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एक ख्वाजा मेरे ख्वाजा' नामक एप से ठगी

दरअसल 'एक ख्वाजा मेरे ख्वाजा' नामक एक एप इन दिनों ख्वाजा के नाम पर लोगों की इबादत का सौदा कर रहा है. इस एप का लिंक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें एक महिला यह कह रही हैं कि आप बिना अजमेर आए ही गरीब नवाज की मजार पर फूल और चादर चढ़ा सकते हैं. इसे लेकर खादिमों में नाराजगी है. अंजुमन सैयद यादगार और सईद शेख जादगान ने ऐसे ऐप संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है.

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ऑनलाइन पेमेंट कर चादरपोशी का दावा

एप के वायरल वीडियो में एक युवक और युवती दावा कर रहे हैं कि आप देश के किसी भी कोने में हो, उन्हें ऑनलाइन पेमेंट भेज दें, वह उनकी तरफ से ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में फूल-चादर पेश कर उनके परिवार की खुशहाली, कामयाबी और सलामती की दुआ करेंगे. दरगाह पर चादर और फूल पेश करने का वीडियो भी उन्हें शेयर किया जाएगा.

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एप की जानकारी मिलते ही खादिमों में रोष

दरगाह के खादिम सैयद कुतुबुद्दीन ने बताया कि अंजुमन को भी विभिन्न रूपों में इस तरह की एप की जानकारी मिली है. इस तरह के एप पर पाबंदी लगाई जाए. पूर्व में भी एक बार इस तरह का कोई एप सामने आया था. तब कार्रवाई की गई थी, ऐसे एप से दूर दराज से आने वाले जायरानों में भ्रम की स्थिति पैदा होगी और एप संचालक गुमराह करते हुए उनकी आस्था पर भी ठेस पहुंचाएंगे.

एप का वीडियो फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब पर वायरल किया जा रहा है. एप में कई तरह की स्कीम रहने, खाने, पीने और ट्रेवल्स की भी जानकारी दी गई है.

ढाई सौ रुपए में दरगाह जियारत फूल चादर और दुआ की बात

ख्वाजा गरीब नवाज पर फूल और चादर चढ़ाने का चार्ज 250 रुपए बताया जा रहा है. कहा जा रहा है ऑनलाइन पेमेंट कर आप घर बैठे-बैठे गरीब नवाज पर चादरपोशी कर सकते हैं. अंजुमन मोईनिया फकरिया सैयद जादगान के पूर्व सदर हाजी सैयद मोइन हुसैन ने बताया कि यह एप दरगाह शरीफ की ओर से नहीं बनाई गई है, इस एप से दरगाह का कोई लेना-देना नहीं है. जिस व्यक्ति ने यह एप बनाई है, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए.
 

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