ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब स्थानीय स्तर पर भी देखने को मिल रहा है. अजमेर में एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से ऑटो चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. घरेलू गैस सिलेंडर के साथ-साथ ऑटो में उपयोग होने वाली एलपीजी भी समय पर नहीं मिल रही, जिससे चालकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. ऑटो चालकों का कहना है कि उन्हें अब एलपीजी गैस प्रति लीटर करीब 25 रुपये महंगी मिल रही है, जिससे उनकी रोजाना की कमाई पर सीधा असर पड़ रहा है.
किराया बढ़ा तो सवारी कम हुई
ऑटो चालक संजय और हितेश गोयल ने बताया कि गैस की किल्लत के चलते उन्हें मजबूरन किराया 5 से 10 रुपए तक बढ़ाना पड़ रहा है. लेकिन किराया बढ़ाने पर यात्री ई-रिक्शा और निजी वाहनों का विकल्प चुन रहे हैं, जिससे सवारी भी कम हो गई है. इसका असर धार्मिक पर्यटन पर भी देखा जा रहा है. पुष्कर और अजमेर दरगाह जाने वाले यात्रियों की संख्या में ऑटो का उपयोग घटा है.
स्कूली ऑटो के लिए भी परेशानी बढ़ी
वहीं, ऑटो के संचालकों का कहना है कि स्कूलों के मामले में भी परेशानी बढ़ गई है. खर्च बढ़ने के कारण स्कूली बच्चों का ऑटो का मासिक किराया करीब 300 रुपए तक बढ़ाना पड़ रहा है, लेकिन अभिभावक इसे देने के बजाय खुद बच्चों को लाने-ले जाने लगे हैं. स्थिति यह है कि कई ऑटो चालकों की मासिक बैंक किस्त तक जमा नहीं हो पा रही है. मजबूरी में कुछ चालकों ने अपने ऑटो घरों या बस स्टैंड की पार्किंग में खड़े कर दिए हैं और अन्य रोजगार की तलाश शुरू कर दी है.
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